मणिपुर के जिस जिरिबाम जिले में पहुंचे राहुल गांधी, वहां जून में हुआ क्या था? अबतक हिंसा से अछूता था यह इलाका

Rahul Gandhi Manipur Visit: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सोमवार को मणिपुर के जिरिबाम जिले पहुंचे और वहां राहत कैंपों में पहुंचकर पीड़ितों से भी मुलाकात की।

मणिपुर पिछले साल 3 मई से जातीय संघर्ष की चपेट में है। लेकिन, राज्य का जिरिबाम जिला अभी तक हिंसा की चपेट में आने से बचा हुआ था। पिछले महीने लोकसभा चुनावों के परिणाम आने के बाद इस जिले में भी उपद्रवियों ने अशांति पैदा कर दी।

manipur jiribam

जिरिबाम जिला मुख्यालय में राहत कैंपों में रह रहे हैं पीड़ित
जिरिबाम जिला मुख्यालय में इस वक्त 230 से ज्यादा लोग दो राहत शिविरों में शरणार्थी बनकर रहने को मजबूर हैं। ये शरणार्थी जिले के मोंगबुंग, लामलाई खुनौ और आसपास के गांवों के रहने वाले हैं, जो अपना घर छोड़कर शरणार्थी बनकर रह रहे हैं।

6 जून से पहले तक शांत था मणिपुर का जिरिबाम इलाका
मणिपुर में पिछले साल 3 मई से ही जातीय संघर्ष की शुरुआत हो गई थी। लेकिन, जिरिबाम जिला इस जातीय उपद्रव से अबतक अछूता था। जिरिबाम ऐसा जिला है, जहां विभिन्न समुदायों के लोग रहते हैं और हिंसक संघर्ष में डूबे राज्य में इसका हिंसा से बचे रहना बहुत ही तसल्ली की बात थी।

जिरिबाम जिले में जून में हुआ क्या था?
4 जून को लोकसभा चुनावों के नतीजे आए थे। पता नहीं कि इस शांत इलाके को किसकी नजर लग गई कि 6 जून को यहां भी हिंसा भड़क उठी। यह हिंसा सोरोक अटिंगबी खुनौ गांव के 59 साल के एक किसान का शव मिलने के बाद शुरू हुई। जिरिबाम जिले की सीमाएं असम के कछार जिले से लगी हुई हैं।

सोइबाम सरतकुमार सिंह नाम के किसान के शरीर पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। उनका शव मिलने के बाद भीड़ हिंसक हो गई और उन्हें नियंत्रित करने के जिरिबाम जिला प्रशासन को आईपीसी की धारा 144 के तहत निषेधाज्ञा लागू करनी पड़ी।

हालात इतने विपरीत हो गए थे कि राज्य पुलिस को बड़ी संख्या में सुरक्षा बलों को वहां पहुंचाने के लिए भारतीय वायुसेना के हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल करना पड़ा।

सोमवार तड़के भी हुई फायरिंग
इलाके में हालात लगातार विस्फोटक बने हुए हैं। सोमवार तड़के करीब 3.30 बजे, अज्ञात बंदूकधारियों ने पड़ोसी पहाड़ी जिले तामेंगलोंग के फैतोल से जिरिबाम जिले के गुलरथोल में एक पुलिस चौकी पर गोलीबारी शुरू कर दी।

फायरिंग के सिलसिले में कुकी-जो समुदाय के दो उपद्रवी गिरफ्तार
सोमवार सुबह 10 बजे जिरिबाम के एसपी प्रदीप सिंह ने बताया कि तामेंगलोंग पुलिस ने फायरिंग के सिलसिले में कुकी-जो समुदाय के दो उपद्रवियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से कुछ हथियार भी बरामद हुए हैं। इस फायरिंग में किसी के जख्मी होने की तो सूचना नहीं है, लेकिन एक बख्तरबंद वाहन जरूर इसकी चपेट में आया है।

संसद में हाल में भी गूंजा है मणिपुर मुद्दा
मणिपुर में जातीय संघर्ष का मुद्दा अभी हाल ही में फिर से संसद में गूंजा है। विपक्षी इंडिया ब्लॉक और खासकर कांग्रेस पार्टी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण के दौरान भी इसको लेकर खूब हंगामा किया है।

मणिपुर के कई इलाके इस समय बाढ़ की चपेट में भी हैं और इसकी वजह से भी लोग अपने घर छोड़कर राहत कैंपों में रह रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यसभा में मणिपुर पर दिए अपने बयान में वहां धीरे-धीरे शांति बहाली की बात करते हुए बाढ़ की गंभीरता पर भी सांसदों का ध्यान खींचने की कोशिश की है।

लोकसभा चुनावों में कांग्रेस जीती है मणिपुर की दोनों सीट
इस बार राज्य की दोनों लोकसभा सीटें जीतने के बाद कांग्रेस के तेवर मणिपुर मुद्दे पर और भी चढ़े हुए हैं। 2019 में राज्य की दो सीटों में से एक पर बीजेपी और दूसरे पर नागा पीपुल्स फ्रंट को जीत मिली थी।

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