Rahul Gandhi Tea Party: संसद में चाय-पकौड़े खाने पर घिरे राहुल गांधी, गृहमंत्री ने याद दिलाया सदन का नियम
Rahul Gandhi Tea Party: संसद में बजट सत्र का दूसरा चरण काफी हंगामेदार रहा है। स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव से लेकर विपक्ष के हंगामे की वजह से कार्यवाही बाधित होती रही। इस बीच संसद की सीढ़ियों पर राहुल गांधी और विपक्षी सांसदों के चाय पीने की तस्वीरें आई थीं। गृहमंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी पर तीखा हमला करते हुए संसद में उनके व्यवहार की कड़ी आलोचना की है। गुवाहाटी में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि संसद के दरवाजे पर बैठकर चाय-पकौड़े खाना भारतीय लोकतंत्र और संसद की गरिमा का अपमान है।
अमित शाह ने कहा कि संसद देश की सर्वोच्च लोकतांत्रिक संस्था है और वहां पर इस तरह का व्यवहार उचित नहीं है। उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि क्या राहुल गांधी को यह एहसास नहीं है कि नाश्ता करने की सही जगह कौन सी होती है। शाह ने कहा कि संसद में विरोध प्रदर्शन करना लोकतांत्रिक अधिकार है, लेकिन दरवाजे पर बैठकर चाय-पकौड़े खाना विरोध का तरीका नहीं हो सकता।

Rahul Gandhi Tea Party: गृहमंत्री ने साधा निशाना
गृहमंत्री ने विपक्षी सांसदों के व्यवहार की आलोचना करते हुए कहा कि इस तरह की घटनाएं संसद की गरिमा को ठेस पहुंचाती हैं। भारत की छवि को अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर भी नुकसान पहुंचाती हैं। अमित शाह ने कहा कि दुनिया भर से लोग भारत की ताकत और यहां के युवाओं की क्षमता देखने आते हैं, लेकिन ऐसे व्यवहार से देश की छवि खराब होती है। गृहमंत्री ने यह भी आरोप लगाया कि विपक्ष के गैर-जिम्मेदाराना रवैये की वजह से सदन ठीक से चल नहीं पाता है।
'Rahul Gandhi देश को बदनाम कर रहे हैं'
केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि विपक्ष सरकार का विरोध करे, यह लोकतंत्र का हिस्सा है। उन्होंने कहा, 'सरकार ने कभी भी विपक्ष के विरोध के अधिकार को नहीं दबाया है। लोकतंत्र में असहमत होना सबका हक है।' उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संसद में बहस करने के बजाय वहां से बाहर निकल जाता है। शाह ने कहा कि यदि विपक्ष के पास मुद्दे हैं तो उन्हें संसद के भीतर उठाना चाहिए और बहस करनी चाहिए।
Amit Shah बोले, 'मोदी राज में युवाओं को मिल रहा रोजगार'
अपने संबोधन के दौरान अमित शाह ने युवाओं के लिए सरकार द्वारा किए गए कार्यों का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं को बड़ी संख्या में नौकरियां दी हैं और इन नियुक्तियों में पारदर्शिता सुनिश्चित की गई है। शाह ने कहा कि करीब 1 लाख 65 हजार युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार या घूस के नौकरी दी गई है और इन भर्तियों को लेकर एक भी कोर्ट केस नहीं हुआ है।
उन्होंने कहा कि पिछले 10 वर्षों में सरकार ने युवाओं के भविष्य को बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। अमित शाह ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार पारदर्शिता और विकास के एजेंडे पर काम कर रही है और इसका फायदा देश के युवाओं को मिल रहा है।












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