हिजाब पहनने पर प्रतिबंध को लेकर बोले राहुल गांधी- मां सरस्वती किसी से भेद नहीं करती हैं
नई दिल्ली। कर्नाटक के उडुपी में पिछले दिनों एक सरकारी कॉलेज में हिजाब पहनने वाली छात्राओं के कक्षाओं में प्रवेश पर प्रतिबंध लगाने के बाद कर्नाटक में हिजाब को लेकर विवाद और बढ़ गया है। गुरुवार को एक और कालेज में छात्राओं को सिर पर स्कार्फ़ पहनने पर बैन लगा दिया है। इसके बाद से राजनीतिक बयानबाजी शुरू हो गई। इसी कड़ी में कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी बयान दिया है।

उन्होंने कहा कि छात्रों के हिजाब को उनकी शिक्षा में आड़े आने देकर हम भारत की बेटियों का भविष्य लूट रहे हैं। मां सरस्वती सभी को ज्ञान देती हैं। वह भेद नहीं करती। बता दें कि गुरुवार को उडुपी के कुंडापुर इलाके में सरकारी पीयू कॉलेज में सिर पर स्कार्फ पहनी छात्राओं को कालेज में प्रवेश से इनकार कर दिया गया।
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बता दें कि इस मामले को लेकर कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने फिर से ट्वीट किया। कांग्रेस सांसद शशि थरूर पर कर्नाटक शिक्षा संस्थानों में हिजाब विवाद का राजनीतिकरण करने का पहले से आरोप लग रहे हैं। अब कांग्रेस नेताओं ने कहा है कि भारत में धार्मिक रूपों पर प्रतिबंध लगाने वाला कोई कानून नहीं है। शशि थरूर ने मणिपाल विश्वविद्यालय के अध्यक्ष मोहनदास पाई को जवाबह देते हुए कहा, ''सिख पगड़ी या गले में क्रूस या माथे पर तिलक जैसे धार्मिक रूपों पर प्रतिबंध लगाने वाला कोई कानून नहीं है, ये सभी फ्रांस के सरकारी स्कूलों में प्रतिबंधित हैं लेकिन भारत में इसकी अनुमति है।
शशि थरूर ने ट्वीट किया था, ''यह भारत की ताकत रही है कि हर कोई जो चाहता है उसे पहनने के लिए स्वतंत्र है। अगर हिजाब की अनुमति नहीं है, तो सिख पगड़ी के बारे में क्या? हिंदू के माथे के तिलक के बारे में क्या? ईसाई का क्रूस? यह कॉलेज के लिए सही नहीं है, लड़कियों को कॉलेज जाने देना चाहिए, उन्हें पढ़ने दें, उन्हें अपना फैसला लेना का हक है।''












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