'पीएम चाहते हैं युवा रील बनाते रहें, पकौड़े तलते रहें', राहुल गांधी ने CBSE OSM विवाद को लेकर साधा निशाना
सीबीएसई की ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर उठे विवाद ने अब राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने इस मामले में कथित अनियमितताओं को उजागर करने वाले 18 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत और उनकी सहयोगी निसारगा अधिकारी की जमकर तारीफ की है। राहुल गांधी ने इसे युवाओं की जागरूकता और साहस की मिसाल बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा है।
राहुल गांधी ने की छात्र की सराहना
राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर सार्थक सिद्धांत के साथ अपनी मुलाकात का वीडियो साझा किया। उन्होंने कहा कि एक 18 वर्षीय छात्र ने वह काम कर दिखाया, जिसे बड़े मीडिया संस्थान और खोजी पत्रकार भी नहीं कर पाए। गांधी के मुताबिक, सार्थक ने सीबीएसई और COEMPT के बीच कथित मिलीभगत और टेंडर प्रक्रिया में अनियमितताओं को उजागर कर देश के युवाओं के लिए मिसाल पेश की है।

मोदी सरकार पर साधा निशाना
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार चाहती है कि युवा सिर्फ सतही और तुच्छ चीजों में उलझे रहें, लेकिन सार्थक और निसारगा जैसे युवा सवाल पूछने और सच्चाई सामने लाने का साहस रखते हैं। उन्होंने कहा कि यही भारत की असली युवा शक्ति है, जिसे गुमराह नहीं किया जा सकता।
क्या है OSM विवाद?
सीबीएसई ने कक्षा 12 की बोर्ड परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन के लिए पारंपरिक कागजी जांच की जगह ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) प्रणाली लागू की थी। इस व्यवस्था के तहत उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर डिजिटल माध्यम से जांचा जाता है। विवाद तब शुरू हुआ जब कुछ छात्रों ने दावा किया कि उन्हें दिखाई गई स्कैन की गई उत्तर पुस्तिकाएं उनकी लिखावट से मेल नहीं खाती थीं। इसके बाद मूल्यांकन प्रक्रिया और टेंडर सिस्टम पर सवाल उठने लगे।
सार्थक सिद्धांत ने कैसे उठाए सवाल?
18 वर्षीय छात्र सार्थक सिद्धांत ने OSM प्रणाली के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों को लेकर कई अहम जानकारियां सामने रखीं। उन्होंने इस मामले से जुड़े दस्तावेजों और तथ्यों को एक संसदीय समिति के सामने भी प्रस्तुत किया। राहुल गांधी ने उनकी खोजी सोच और तथ्य जुटाने की क्षमता की सराहना करते हुए उन्हें युवा खोजी पत्रकार की संज्ञा दी।
सरकार ने की कार्रवाई, लेकिन कांग्रेस संतुष्ट नहीं
OSM विवाद सामने आने के बाद सरकार ने सीबीएसई के दो वरिष्ठ अधिकारियों को उनके पदों से हटा दिया है। हालांकि कांग्रेस का कहना है कि यह कार्रवाई सिर्फ दिखावे की है और इससे मामले की सच्चाई सामने नहीं आएगी। पार्टी ने इसे सतही कदम बताते हुए व्यापक जांच की मांग की है।
शिक्षा मंत्री की बर्खास्तगी और न्यायिक जांच की मांग
राहुल गांधी ने इस पूरे मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan को पद से हटाने की मांग की है। साथ ही उन्होंने आरोपों की निष्पक्ष और स्वतंत्र न्यायिक जांच कराने की भी मांग उठाई है, ताकि OSM टेंडर प्रक्रिया से जुड़े सभी तथ्यों का खुलासा हो सके।
परिवार से मुलाकात कर बढ़ाया हौसला
सार्थक सिद्धांत और उनके परिवार से मुलाकात के बाद राहुल गांधी ने तस्वीरें साझा करते हुए छात्र को अपने सिद्धांतों पर कायम रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि देश का भविष्य ऐसे ही जागरूक और निडर युवाओं के हाथों में सुरक्षित है, जो व्यवस्था से सवाल पूछने का साहस रखते हैं।
युवाओं की जागरूकता बनाम व्यवस्था पर सवाल
OSM विवाद ने सिर्फ सीबीएसई की मूल्यांकन प्रणाली ही नहीं, बल्कि सरकारी प्रक्रियाओं की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं, इस मामले ने यह भी दिखाया है कि आज के युवा सूचना के अधिकार और तकनीकी समझ के दम पर बड़े से बड़े संस्थानों से जवाब मांगने का हौसला रखते हैं।












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