'अग्निपथ योजना' विरोध: राहुल गांधी बोले- जनता की नहीं, अपने 'मित्रों' की आवाज सुनते हैं पीएम मोदी
केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना 'अग्निपथ' को लेकर युवाओं जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। इस योजना का देश में भारी विरोध किया जा रहा है।
नई दिल्ली, 17 जून : केंद्र सरकार की महत्वकांक्षी योजना 'अग्निपथ' को लेकर युवाओं जगह-जगह प्रदर्शन कर रहे हैं। इस योजना का देश में भारी विरोध किया जा रहा है। कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी इस योजना को लेकर मोदी सरकार पर जमकर निशाना साधा है।
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उन्होंने ट्वीट कर कहा कि
अग्निपथ - नौजवानों ने नकारा
कृषि कानून - किसानों ने नकारा
नोटबंदी - अर्थशास्त्रियों ने नकारा
GST - व्यापारियों ने नकारा
देश की जनता क्या चाहती है, ये बात प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नहीं समझते हैं। क्योंकि उन्हें अपने 'मित्रों' की आवाज के अलावा कुछ सुनाई नहीं देता है।
हो रहे विरोध के बीच मोदी सरकार ने किया बड़ा बदलाव
हालांकि, 'अग्निपथ' को लेकर हो रहे भारी विरोध के बीच मोदी सरकार ने इसमें एक बड़ा बदलाव किया है। दरअसल, सरकार ने इस योजना के तहत सेना में भर्ती की अधिकतम उम्र सीमा को पहले वर्ष 21 साल से बढ़ाकर 23 साल कर दिया है। मोदी सरकार ने दो दिन पहले ही सेना में भर्ती के लिए इस योजना का ऐलान किया था, लेकिन देश के युवा इस योजना के खिलाफ सड़कों पर उतर आए और देश के करीब 8-10 राज्यों में इस योजना के खिलाफ भारी विरोध प्रदर्शन होने लगे।
क्या है अग्निपथ योजना
सरकार ने दशकों पुरानी रक्षा भर्ती प्रक्रिया में परिवर्तन करते हुए थलसेना, नौसेना और वायुसेना में सैनिकों की भर्ती संबंधी अग्निपथ योजना की शुरुआत मंगलवार को की थी। इस योजना के तहत एक तरह से कॉन्ट्रैक्ट के आधार पर 4 साल के लिए की जाएगी। इस योजना के तहत तीनों सेनाओं में इस साल करीब 46,000 सैनिक भर्ती किए जाएंगे। चयन के लिए पात्रता आयु पहले 17.5 वर्ष से 21 वर्ष के बीच थी, लेकिन अब सरकार ने अधिकतम उम्र सीमा को 21 से बढ़ाकर 23 कर दिया है। इस योजना के तहत भर्ती किए जाने वाले जवानों को 'अग्निवीर' कहा जाएगा।












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