राहुल गांधी की नई मुश्किल, संसद सदस्यता तो गई, अब बंगला भी हाथ से निकल सकता है
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की समस्या कम नहीं हो रही है। संसद सदस्यता छिन जाने के बाद, उन्हें एक महीने के अंदर सरकारी बंगला भी खाली करना पड़ सकता है। अलबत्ता बड़ी अदालत से ही उन्हें उम्मीद रह गई है।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी अभी लग रहा होगा कि जब कोई आफत आती है तो चारों तरफ से आती है। गुरुवार को उन्हें आपराधिक मानहानि का दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई गई। शुक्रवार को उन्हें लोकसभा की सदस्यता के अयोग ठहरा दिया गया और अब उनके सरकारी बंगले पर भी खतरा मंडराने लगा है। क्योंकि, नियमों के तहत अयोग्य ठहराए जाने के बाद वह एक महीने से ज्यादा सरकारी आवास में नहीं रह सकते। इससे पहले उनकी बहन और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा को भी सरकारी बंगला मजबूरन खाली करना पड़ गया था।

सदस्यता गई, अब बंगले की बारी ?
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की संसद सदस्यता आपराधिक मानहानि मामले में सजा मिलने के बाद चली गई है। अगर उन्हें बड़ी अदालत से राहत नहीं मिली तो एक महीने के अंदर उन्हें नई दिल्ली के लुटियंस जोन वाला सरकारी बंगला भी खाली करना पड़ सकता है। शुक्रवार को केंद्र सरकार के एक अधिकारी ने यह जानकारी दी है। 2004 में जब राहुल गांधी पहली बार यूपी की अमेठी सीट से लोकसभा सांसद चुने गए थे, तब उन्हें 12, तुगलक लेन वाला बंगाल अलॉट किया गया था। तब से लेकर वह उसी बंगले में रह रहे हैं।
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आपराधिक मानहानि केस में दो साल की मिली है सजा
राहुल गांधी को शुक्रवार को लोकसभा सचिवालय ने संसद की सदस्यता से अयोग्य कर दिया है, जो 23 मार्च से ही प्रभावी माना गया है। गौरतलब है कि गुरुवार को सूरत की एक अदालत ने उन्हें 2019 के एक आपराधिक मानहानि मामले में दोषी ठहराते हुए दो साल की सजा सुनाई है। हालांकि, अदालत ने उन्हें तत्काल जमानत भी दे दी और उन्हें बड़ी अदालतों में फैसले को चुनौती देने के लिए 30 दिन की मोहलत दी है। एक्सपर्ट मानते हैं कि कानून ये है कि जिस पल अदालत ने उन्हें दो साल की सजा सुनाई, उनकी संसद सदस्यता खुद-ब-खुद चली गई।

प्रियंका गांधी का भी छिन चुका है सरकारी बंगला
केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा, 'क्योंकि, उन्हें लोकसभा से अयोग्य ठहरा दिया गया है, वह सरकारी आवास पाने के हकदार नहीं हैं। नियमों के मुताबिक उन्हें अयोग्यता वाले आदेश के एक महीने के अंदर आधिकारिक बंगला खाली करना होगा।' इससे पहले उनकी बहन और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा को जुलाई 2020 में लोदी एस्टेट वाला सरकारी बंगला खाली करना पड़ गया था। वह एसपीजी सिक्योरिटी के नाम पर उस बंगले में रह रही थीं। लेकिन, उनकी सुरक्षा कवर कम करने के बाद वह उस बंगले में रहने की हकदार नहीं रह गईं।

राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ेंगे- कांग्रेस
इस बीच कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि वह राहुल गांधी को मिली सजा और उनकी अयोग्यता के खिलाफ राजनीतिक और कानूनी लड़ाई लड़ेगी। राहुल गांधी और उनके परिवार के लिए एक संकट पहले से ही सामने है कि अगर ऊपरी अदालत से उनकी सजा पर रोक नहीं लगी तो वह अब अगले 8 वर्षों तक चुनाव नहीं लड़ पाएंगे। कांग्रेस राहुल गांधी को अदालत से मिली सजा के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार मान रही है। पार्टी ने इस मसले पर भड़ास निकालते हुए कहा कि 'भारतीय लोकतंत्र के लिए काला दिन है' और साथ ही पार्टी ने इसे 'कानूनी और राजनीतिक' तरीके से लड़ने की बात कही है।
बीजेपी पर भड़ास निकाल रही है कांग्रेस
कांग्रेस ने यह भी आरोप लगाया है कि यह कार्रवाई 'राजनीतिक प्रतिशोध' से प्रेरित थी। पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने आरोप लगाया है कि बीजेपी ने उन्हें अयोग्य ठहराने के लिए सारी कोशिशें कीं, क्योंकि वह सच बोल रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया, 'उन्हें सच बोलने, संविधान के लिए और लोगों के अधिकारों के लिए लड़ने की वजह से सदन से हटाया गया है। '(इनपुट-पीटीआई)












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