'मोदी ने अपनी कुंठा जरूर दिखाई है लेकिन...', पीछे की पंक्ति में बैठे राहुल गांधी तो भड़की कांग्रेस
Rahul Gandhi Independence Day: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लाल किले की प्राचीर से 78वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्र की अगुआई की। वहीं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी आयोजित स्वतंत्रता दिवस कार्यक्रम में आखिरी पंक्ति में बैठे में नजर आए। सोशल मीडिया पर ओलंपिक पदक विजेताओं के साथ दूसरी आखिरी पंक्ति में बैठे राहुल गांधी की तस्वीर वायरल हो रही है। अब विपक्षी पार्टियों ने इस पर आपत्ति जताई है।
असस में कई सालों के बाद ये पहली बार देखने को मिला, जब विपक्ष का कोई नेता स्वतंत्रता दिवस समारोह के लिए लाल किले पर मौजूद था। कांग्रेस प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने कहा है केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर तंज करते हुए कहा है कि 'छोटे मन के लोगों से बड़ी चीजों की उम्मीद करना बेमानी है।'

सुप्रिया श्रीनेत बोलीं- इस सरकार को लोकतांत्रिक परंपराओं की भी कोई परवाह नहीं है
सुप्रिया श्रीनेत ने सोशल मीडिया पोस्ट एक्स पर कहा, ''छोटे मन के लोगों से बड़ी चीज़ों की उम्मीद करना बेमानी है। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को स्वतंत्रता दिवस के समारोह में पांचवीं लाइन में बिठा कर नरेंद्र मोदी ने अपनी कुंठा जरूर दिखाई, लेकिन इससे राहुल गांधी को कोई फर्क नहीं पड़ता है।''
सुप्रिया श्रीनेत ने आगे लिखा, ''नेता प्रतिपक्ष की रैंक कैबिनेट मंत्री की होती है, सरकार के मंत्री पहली लाइन में बैठें थे। तो इन छुद्र मानसिकता वालों को लोकतंत्र और लोकतांत्रिक परंपराओं की भी कोई परवाह नहीं है।''
सुप्रिया श्रीनेत बोलीं- रक्षा मंत्रालय का बयान सरकार को बेनकाब कर रहा है
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा, ''रक्षा मंत्रालय का बयान सरकार को और बेनकाब कर रहा है। सच यह है कि राहुल गांधी से मोदी और उनके मंत्री आंखें चुराते हैं, और असहज हो जाते हैं। राहुल गांधी पांचवीं लाइन में बैठें या पचासवीं, वो जननायक ही रहेंगे,लेकिन आपलोग इस तरह की गलीच हरकतें करना कब बंद करेंगे?''
राहुल गांधी ने क्यों बैठे पीछे? रक्षा मंत्रालय ने दिया बयान?
अब इस पूरे मामले पर रक्षा मंत्रालय ने स्पष्टीकरण दिया है। राहुल गांधी की सीटिंग व्यवस्था को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा होने के बाद रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी को पीछे की सीट पर बिठाया गया क्योंकि आगे की पंक्तियां ओलंपिक पदक विजेताओं के लिए तैयार की गई थी। स्वतंत्रता दिवस समारोह के आयोजन और सीटिंग प्लान बनाने की जिम्मेदारी रक्षा मंत्रालय की है। सूत्रों ने बताया कि प्रोटोकॉल के मुताबिक विपक्ष के नेता को आम तौर पर पहली कुछ पंक्तियों में सीट दी जाती है।












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