राहुल पछताये और कहा 'मुझे अध्यादेश को बकवास नहीं कहना चाहिए था'
नई
दिल्ली। दागियों को बचाये जाने वाले अध्यादेश को 'बकवास' कहने वाले कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अब अपने बयान पर सफाई दी है और कहा कि अध्यादेश की निंदा करते हुए मैंने कड़े शब्दों का इस्तेमाल किया पर मेरी भावनाएं गलत नहीं थी। गौरतलब है कि राहुल ने लोकसभा में संप्रग द्वारा पारित किये गये अध्यादेश के बारे में कहा था कि ' यह अध्यादेश बकवास है, इसे फाड़कर फेंक देना चाहिए। उन्होने कांफ्रेंस में कहा कि मैं अपने शब्दों को फिर दोहराता हूं कि यह बकवास है, इसे फाड़कर फेंक देना चाहिए। जिसके बाद राहुल गांधी की प्रतिक्रिया पर प्रधानमंत्री ने ऐतराज जताया था और नाराजगी जाहिर की थी। id="toptextpromo">हालांकि
आज राहुल ने कहा कि 'मेरी भावनाएं गलत नहीं थी लेकिन मेरे शब्द जरूर कड़े थे। id='are-slot-1' class='oiad oi-axt oiadv'> id='top-searched-articles'>बताया
जाता है कि इस घटना से राहुल ने आम जनता में अपनी छवि को चमकाने की कोशिश की। उनके इस बयान से कांग्रेस के सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी और अजय माकन को शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था। बाद में उन्होने कहा था कि अध्यादेश पर राहुल की राय ही पार्टी की राय है।











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