31 अगस्त को चीन के रास्ते कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाएंगे राहुल गांधी, कर्नाटक चुनाव के वक्त किया था ऐलान
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नई दिल्ली। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी 31 अगस्त को कैलाश मानसरोवर की यात्रा पर निकलेंगे, आपको बता दें कि अपने आप को शिवभक्त बताते हुए राहुल गांधी ने कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान लोगों से वादा किया था कि वो कर्नाटक चुनाव के बाद कैलाश यात्रा पर जाएंगे और उसी वादा को पूरा करने के लिए अब राहुल यात्रा पर निकल रहे हैं लेकिन यहां एक बात ध्यान देने योग्य है और वो ये कि राहुल गांधी कैलाश मानसरोवर की यात्रा नेपाल के रास्ते नहीं बल्कि चीन के रास्ते से करेंगे।

31 अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जाएंगे राहुल गांधी
गौरतलब है कि कर्नाटक चुनाव प्रचार के दौरान राहुल गांधी के विमान के साथ एक हादसा होते-होते बचा था, अचानक उनका जहाज कई हज़ार फिट नीचे आ गया था, उसके बारे में बात करते हुए राहुल गांधी ने कहा था कि प्लेन अचानक 8 हजार फीट नीचे आ गया. मैं अंदर से हिल गया और लगा कि अब गाड़ी गई, तभी मुझे कैलाश मानसरोवर याद आया, अब मैं वहां दर्शन करने जाऊंगा।
अपने आप को शिवभक्त कहते हैं राहुल गांधी
मालूम हो कि बीजेपी ने जब से राहुल के हिंदू होने पर सवाल खड़े किए हैं, तब से ही राहुल गांधी अपने आप को शिव का भक्त साबित करने में जुटे हैं। वो अपने आप को जनेऊधारी हिंदू कहते हैं तो वहीं गुजरात चुनाव प्रचार के दौरान उन्होंने कई मंदिरों में मत्था भी टेका था,उन्होंने ये भी कहा था कि वो रुद्राक्ष की माला भी पहनते हैं।

कैलाश मानसरोवर यात्रा
मालूम हो कि हिंदू धर्म के लिए खास महत्व रखने वाली मानसरोवर तिब्बत की एक झील है। जो कि इलाके में 320 वर्ग किलोमाटर के क्षेत्र में फैली है। इसके उत्तर में कैलाश पर्वत और पश्चिम में राक्षसताल है। यह समुद्रतल से लगभग 4556 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। इसकी त्रिज्या लगभग 88 किलोमीटर है और औसत गहराई 90 मीटर।

मन का सरोवर
कैलाश पर्वत और मानसरोवर को धरती का केंद्र माना जाता है। यह हिमालय के केंद्र में है। मानसरोवर वह पवित्र जगह है, जिसे शिव का धाम माना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि मानसरोवर के पास स्थित कैलाश पर्वत पर भगवान शिव साक्षात विराजमान हैं। मानसरोवर शब्द मानस और सरोवर को मिलाकर बना है जिसका शाब्दिक अर्थ होता है- मन का सरोवर।












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