सास बहू साजिश के शिकार हुए राहुल गांधी!

जरा सोचिये राहुल गांधी ने आखिर ये बातें क्यों कहीं? आखिर ऐसा क्या था कि राहुल ने अपनी मौत तक की बात कर डाली? उत्तर सीधा है- राहुल सास बहू साजिश के शिकार हो गये हैं!
आपको पढ़कर ताज्जुब हुआ होगा और हंसी भी आयी होगी, लेकिन वर्तमन चुनावी मैदान की यही सच्चाई है। सीधी बात करें तो राहुल गांधी इस समय टीवी सीरियल के उन धारावाहिकों से प्रेरित हैं, जो आंसू बहाने में एक्सपर्ट होते हैं। सास-बहू के इन धारावाहिकों में जो जितना रोता है, सीरियल उतना ही हिट होता है। यही नहीं बॉलीवुड में भी तमाम ऐसी फिल्में बनी हैं, जिसमें जितने आंसू गिरे उतने रुपए फिल्म ने कमाये। यानी यह कहना गलत नहीं होगा कि भारत में आंसुओं की कीमत धन-दौलत से कहीं अधिक है।
कोई मुद्दा नहीं राहुल के पास
राहुल गांधी के वर्तमान भाषणों से यह साफ जाहिर हो रहा है कि वो अब इमोशनल फैक्टर के जरिये ही वोट कमाना चाहते हैं, क्योंकि इससे पहले राहुल ने अपनी मां सोनिया गांधी की बीमारी का हवाला देते हुए लोगों को भावुक करने की कोशिश की थी। वैसे सच पूछिए तो यह राहुल की मजबूरी भी है, क्योंकि किसी भी रैली में बात करने के लिये मुख्य मुद्दे जनता से जुड़े होने चाहिये। जैसे- विकास, भ्रष्टाचार, महंगाई, रोजगार, आदि। दुर्भाग्यवश राहुल गांधी विकास की चर्चा इसलिये नहीं कर सकते, क्योंकि यूपीए के राज में जितना विकास हुआ उतने ही करप्शन के मामले सामने आये।
राहुल महंगाई की बात इसलिये नहीं कर सकते, क्योंकि यूपीए की नाकामी का जीता-जागता उदाहरण 100 रुपए किलो बिक रहा प्याज है। रोजगार में नरेगा के अलावा यूपीए के पास कोई जवाब नहीं है और इसमें भी हुए घपलों से जनता अच्छी तरह वाकिफ है। शहरी लोगों के रोजगार के लिये यूपीए ने क्या किया इसका जवाब भी राहुल के पास नहीं है। लिहाजा राहुल अब वही काम कर रहे हैं, जो सास-बहू की रोने वाली कहानियां दिखाकर टेलीविजन चैनल करते आये हैं। फर्क इतना है कि चैनल पैसा कमाते हैं और राहुल वोट कमाना चाहते हैं।
भाजपा उड़ा रही मजाक
राहुल गांधी की इन इमोशन बातों पर भारतीय जनता पार्टी ने जमकर मजाक उड़ाया है। राजस्थान में भाजपा नेता जय नारायण जाट ने कहा कि राहुल को जल्द से जल्द किसी मनोवैज्ञानिक की सलाह लेनी चाहिये। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी अपनी रैली में क्या कहना चाहते हैं, उन्हें खुद ही नहीं पता होता है, इसलिये वो अनाप-शनाप बातें करने लगते हैं। रही बात उनकी हत्या की, तो राहुल के पास सरकार है, उनके पास इंटेलीजेंस अधिकारी हैं, रॉ है, वो उनसे पता करके बताते क्यों नहीं हैं कि आखिर कौन है जो उन्हें जान से मारना चाहता है। राहुल कम से कम बतायें तो कि लश्कर-ए-तैयबा उन्हें मारना चाहता है या इंडियन मुजाहिदीन।












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