Rafale स्वदेशी मिसाइल, बम से होगा लैस, AIF ने डसॉल्ट एविएशन से 'एस्ट्रा एयर' जैसे हथियार लगाने को कहा
अत्याधुनिक लड़ाकू विमान अब स्वदेशी हथियारों को अपने साथ ले जाने के लिए तैयार किया जाएगा। इसके लिए एआईएफ ते एविएशन कंपनी डसॉल्ट को कहा है। रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का भारत का ये बड़ा कदम होगा।
रक्षा के क्षेत्र में भारत आत्मनिर्भरता की ओर बड़ा कदम बढ़ाने जा रहा है। अत्याधुनिक लड़ाकू एयरक्राफ्ट राफेल (Rafale) को अब भारत निर्मित मिसाइल और बम ले जाने के लिए सक्षम बनाया जाएगा। इसके लिए डसॉल्ट एविएशन तैयारी शुरू करेगी। इसको लेकर रक्षा अधिकारियों ने बताया कि वायुसेना ने राफेल के मूल उपकरण निर्माता डसॉल्ट एविएशन से स्मार्ट एंटी एयरफील्ड वेपन (SAAW) और एस्ट्रा हवा से हवा में मार करने वाली मिसाइल जैसे भारतीय निर्मित हथियारों को राफेल में लगाने को कहा है।
एआईएफ ये कदम रक्षा के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और 'मेक इन इंडिया' को बढ़ावा देने के लिए उठा रही है। दरअसल, भारतीय वायुसेना ने राफेल में लगने वाले उपकरण बनाने एविएशन सेक्टर की कंपनी डसॉल्ट एविएशन ने राफेल में उन्ही भारत निर्मित हथियारों को लगाने को कहा जिनका प्रयोग एआईएफ 2020 से करती रही है। अधिकारियों के मुताबिक डीआरडीओ द्वारा विकसित इन मिसाइलों और बमों को भविष्य में लंबी दूरी के ग्लाइड बम समेत कई स्वदेशी हथियारों को लगाए जाने की योजना है।

राफेल एक सफल फाइटर एयरक्राफ्ट है। जिसका उपयोग भारत समेत कई अन्य देशों में किया जाता है। राफेल का प्रयोग भारत, फ्रांस, मिस्र, कतर, ग्रीस, क्रोएशिया, संयुक्त अरब अमीरात और इंडोनेशिया समेत कई अन्य देशों में होता है। रक्षा अधिकारियों ने न्यूज एजेंसी एएनआई को बताया कि भारतीय वायुसेना की निकट भविष्य में विमान के साथ लंबी दूरी के ग्लाइड बम सहित निजी क्षेत्र की कंपनियों द्वारा स्वदेशी रूप से डिजाइन किए गए कई हथियारों को राफेल में लगाने की योजना बना रही है।
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वहीं रक्षा सूत्रों के मुताबिक स्वदेशी हथियार अगर राफेल में लगाए जा सकेंगे तो दुनिया देशों के बीच राफेल की मांग और बढ़ जाएगी। दरअसल, भारत 36 राफेल लड़ाकू विमानों का संचालन करता है। भारत पहले ही 26 राफेल समुद्री विमान खरीदने का इरादा व्यक्त कर चुका है जिनका उपयोग उसकी नौसेना द्वारा किया जाना है।












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