राफेल से देश में सियासी भूचाल, लालू का तंज- 'मित्रों, घालमेल की जानकारी मिलनी चाहिए की नहीं'
नई दिल्ली। राफेल डील पर फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बयान के बाद भारत में सियासी घमासान मचा है। तो वहीं, फ्रांसीसी हथियार कंपनी दसॉल्ट ने भी सामने आकर बयान दिया कि रिलायंस को चुनना उनकी कंपनी की ही पसंद थी। दसॉल्ट एविएशन और रिलायंस ग्रुप के बीच ऑफसेट समझौते पर भारत के स्टैंड की पुष्टि करते हुए बयान में कहा गया कि रक्षा खरीद प्रक्रिया (डीपीपी) 2016 के नियमों के अनुपालन दौरान रिलायंस ग्रुप को ही चुना गया था। वहीं,फ्रांस्वा ओलांद के बयान के बाद विपक्षी दलों ने पीएम मोदी पर हमले तेज कर दिए हैं।

राफेल डील को लेकर केजरीवाल का हमला
राफेल डील को लेकर दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल ने पीएम मोदी पर बड़ा हमला बोलते हुए उनसे तीन सवाल पूछे हैं और उनपर गंभीर आरोप लगाए हैं।
'1. आपने ये ठेका अनिल अम्बानी को ही क्यों दिलवाया? और किसी को क्यों नहीं?
2. अनिल अम्बानी ने कहा है कि उनके आपके साथ व्यक्तिगत सम्बंध हैं। क्या ये सम्बंध व्यवसायिक भी हैं?
3. राफेल घोटाले का पैसा किसकी जेब में गया- आपकी, भाजपा की या किसी अन्य की?'

लालू ने कसा पीएम मोदी पर तंज
तो वहीं, राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव ने भी पीएम मोदी पर तंज कसा है। लालू यादव ने तंज कसते हुए ट्वीट किया है, 'राफ़ेल सौदे के घालमेल और तालमेल की सही जानकारी 125 करोड़ देशवासियों को मिलनी चाहिए कि नहीं? मिलनी चाहिए की नहीं? अगर पूँजीपति मिलनसार प्रधानमंत्री गुनाहगार व भागीदार नहीं है और ईमानदार चौकीदार है तो सच बताने में डर काहे का?'

फ्रांस्वा ओलांद के बयान के बाद मचा घमासान
बता दें कि राफेल को लेकर कांग्रेस लगातार बीजेपी पर हमला बोलती रही है। वहीं, कांग्रेस के आरोपों को बीजेपी खारिज करती रही है। फ्रांस के पूर्व राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद के बयान के बाद कांग्रेस और भी आक्रामक हो गई है और उसके साथ-साथ विपक्षी दलों ने भी पीएम मोदी पर हमले बोले हैं। फ्रांस्वा ओलांद ने कहा था कि भारत सरकार ने राफेल डील के लिए अंबानी की कपंनी का नाम आगे किया था, जिसके बाद हमारे पास कोई विकल्प नहीं बचा था।












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