कौन हैं बंगाल की 'दीदी नंबर-1', जिनपर हुगली में ममता ने लगाया दांव, क्या बीजेपी के गढ़ में लगा पाएंगी सेंध?
Lok Sabha Election News: बंगाल में तृणमूल कांग्रेस इस बार बहुत ही मुश्किल चुनाव का सामना कर रही है। संदेशखाली की घटनाओं की वजह से ममता बनर्जी सरकार की छवि को काफी नुकसान पहुंचा है और बीजेपी इस मसले पर उसे घेरने की कोई कसर नहीं छोड़ रही है।
इसलिए टीएमसी ने अपने 42 लोकसभा उम्मीदवारों के माध्यम से जीत सुनिश्चित करने के लिए कई तरह के समीकरण बिठाकर अपनी जीत पक्की करने की कोशिश की है।

हुगली से टीएमसी उम्मीदवार बनी हैं रचना बनर्जी
इसी कड़ी में ममता बनर्जी ने बंगाली फिल्मों की अभिनेत्री रचना बनर्जी पर भी दांव लगाया है, जिन्हें हुगली लोकसभा सीट से उतारा गया है। यहां उनका मुकाबला भाजपा की मौजूदा फायरब्रांड सांसद लॉकेट चटर्जी से होगा।
'दीदी नंबर-1' की होस्ट हैं रचना बनर्जी
रचना बनर्जी पिछले कई वर्षों से जी बांग्ला चैनल पर 'दीदी नंबर-1' कार्यक्रम होस्ट कर रही हैं। बंगाली समाज में इस प्रोग्राम की वजह से उनकी जबर्दस्त लोकप्रियता है।
इसी महीने 3 मार्च को मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी 'दीदी नंबर-1' शो में उनके साथ नजर आई थीं और तभी से कयास लग रहे थे कि इस बार उन्हें तृणमूल से टिकट मिल सकता है।
कौन हैं 'दीदी नंबर-1'
49 साल की रचना बनर्जी बंगाली के अलावा उड़िया, तमिल, तेलुगू और कन्नड़ फिल्मों में भी भाग्य आजमा चुकी हैं। लेकिन, टीवी गेम शो दीदी नंबर-1 ने उन्हें जिस लोकप्रियता के शिखर पर पहुंचाया है, उतना किसी ने नहीं पहुंचाया।
रचना बनर्जी बचपन में झुमझुम बनर्जी के नाम से जानी जाती थीं। बाद में उन्होंने अपना नाम बदल लिया। वह 'मिस कलकत्ता' भी रह चुकी हैं। उनका दो-दो बार तलाक हो चुका है।
पहली शादी साथी कलाकार सिद्धांत महोपात्रा से की थी। लेकिन, 2004 में दोनों अलग हो गए। बाद में प्रोबल बासु के साथ शादी की, लेकिन 2016 में उनसे भी साथ छूट गया। रचना का एक बेटा भी है।
हुगली से बीजेपी ने फिर दिया है लॉकेट चटर्जी को टिकट
हुगली लोकसभा सीट पर रचना बनर्जी का मुकाबला भाजपा की तेजतर्रार नेता लॉकेट चटर्जी के साथ होगा। 2009 और 2014 में यहां से टीएमसी की डॉ रत्ना डे जीती थीं।
लेकिन, 2019 में बीजेपी की लॉकेट चटर्जी ने उन्हें 5% से ज्यादा वोटों के अंतर से हरा दिया था। अब रचना को ममता ने यह सीट फिर से जीतकर टीएमसी को दिलाने की चुनौती दी है।
संदेशखाली की घटनाओं की वजह से घिरी है ममता सरकार
बंगाल में इस बार का लोकसभा चुनाव संदेशखाली की कुख्यात घटनाओं के खुलासे के बाद हो रहा है। यहां अनेकों महिलाओं ने टीएमसी नेताओं पर व्यवस्थित यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया है। गरीब परिवारों की इन महिलाओं की जमीन तक बाहुबली टीएमसी नेताओं ने हड़प रखी थी।
पूरी घटना के मास्टरमाइंड के रूप में तृणमूल का बाहुबली शेख शाहजहां सामने आया है, जिसे ममता सरकार ने हाई कोर्ट की कड़ी फटकार के बाद गिरफ्तार किया था।
गिरफ्तारी तक पार्टी ने उसे टीएमसी से निलंबित करना भी जरूरी नहीं समझा। गिरफ्तारी के बाद उसे निष्कासित किया गया है। फिलहाल, वह सीबीआई की गिरफ्त में है। वह सीबीआई की गिरफ्त में न जा पाए, इसके लिए बंगाल सरकार दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक दौड़ चुकी है।
'दीदी नंबर-1' मिटा पाएंगी संदेशखाली का 'कलंक'?
लेकिन, इस पूरे एपिसोड की वजह से तृणमूल सरकार की छवि को काफी नुकसान हुआ है। रचना बनर्जी जैसी लोकप्रिय सेलिब्रिटी पर पार्टी ने इसी छवि को ठीक करने के लिए दांव लगाया है! शायद पार्टी सोचती है कि उनकी लोकप्रियता शेख शाहजहां की वजह से लगे 'कलंक' को धो सकती है।
हालांकि, टीएमसी में महिला सेलिब्रिटीज की कमी नहीं रही है। लेकिन, रचना बनर्जी से पार्टी को उम्मीद है कि टीवी शो की वजह से वह बंगाल की घर-घर तक मौजूद हैं, इसलिए उनकी मदद से पार्टी अपने संदेशखाली संकट को दूर कर सकती है।
राजनीति में आकर खुश हैं रचना बनर्जी
वैसे अब सवाल उनके टीवी शो को भी लेकर उठ रहे हैं कि वह कैसे चुनाव प्रचार और शूटिंग में तालमेल बिठा पाएंगी। वैसे उनका कहना है कि वो लोकसभा का प्रचार करेंगी और रात के समय में आकर शूटिंग करेंगी। उनके मुताबिक लोगों के लिए काम करने के लिए राजनीति से बड़ा कोई मंच नहीं हो सकता।












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