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महाराष्ट्र में गृह मंत्रालय को लेकर रार, गृह अपने साथ रखना चाहते हैं सीएम उद्धव ठाकरे!

बेंगलुरू। महाराष्ट्र में नवगठित महा विकास अघाड़ी मोर्च की सरकार को शपथ लिए हुए 10 दिन से अधिक हो चुके हैं, लेकिन अभी तक महाराष्ट्र में शपथ ले चुके 6 कैबिनेट मंत्री बिना मंत्रालय के घूम रहे हैं। माना जा रहा है कि इसके पीछे गृह मंत्रालय पर छिड़ी रार है। एनसीपी और शिवसेना दोनों गृह मंत्रालय पर दावे को लेकर अड़ी हुई हैं।

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दरअसल, शिवसेना चीफ और महाराष्ट्र के सीएम उद्धव ठाकरे गृह मंत्रालय अपने साथ रखना चाहते हैं, लेकिन वर्ष 1999 से 2014 के बीच महाराष्ट्र में गठित साझा सरकारों में एनसीपी लगातार गृह मंत्रालय का कार्यभार संभालती आई है इसलिए एनसीपी एक बार फिर गृह मंत्रालय पर दावा कर रही हैं। हालांकि पहले खबर थी कि एनसीपी अहम गृह मंत्रालय को शिवसेना को देने पर राजी हो गई थी।

गौरतलब है वर्ली में हुए एक लंबी मुलाकात के दौरान महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार के बीच महाराष्ट्र में पोर्टफोलियो के बंटवारे पर विस्तार से चर्चा हुई थी। इसी मीटिंग में मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे ने शहरी विकास मंत्रालय के बदले अपनी पार्टी के लिए गृह मंत्रालय की जोरदार पैरवी की थी।

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क्योंकि सीएम पद पर करीब 10 दिन रहने के बाद उद्धव ठाकरे को गृह मंत्रालय का महत्व समझ में आ गया और अब वो किसी भी सूरत में गृह मंत्रालय को अपने हाथ से नहीं देना चाहते हैं। सीएम उद्धव और एनसीपी चीफ शरद पवार के साथ हुई मीटिंग में शिवसेना के रणनीतिकार संजय राउत, शिवसेना के विधायक दल के नेता एकनाथ शिंदे, वरिष्ठ पार्टी नेता सुभाष देसाई, एनसीपी नेता जयंत पाटिल और एनसीपी नेता अजित पवार शामिल थे।

कहा जा रहा है कि महाराष्ट्र में मंत्रि मंडल विस्तार और शपथ ले चुके मंत्रियों के विभागों के बंटवारे में देरी के पीछे एक वजह एनसीपी नेता अजित पवार भी हैं। एनसीपी कोटे से उद्धव कैबिनेट में अजित पवार के डिप्टी सीएम की शपथ अभी तक नहीं लेने की वजह से विभाग बंटवारे की गाड़ी अटकी हुई है।

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चूंकि अभी तक गृह मंत्रालय को लेकर एनसीपी और शिवसेना में खींचतान जारी हैं इसलिए माना जा रहा है कि महाराष्ट्र की उद्धव ठाकरे सरकार की कैबिनेट में मंत्रियों के विभागों का बंटवारा अभी आगे और लटक सकता है। यही नहीं, यह भी आशंका जताई जा रही है कि उद्धव कैबिनेट में मंत्रिमंडल विस्तार भी लंबा खिच सकता है।

गत 30 नवंबर को शिवाजी पार्क में एनसीपी, कांग्रेस और शिवसेना की साझा सरकार वाली महा विकास अघाड़ी मोर्च की सरकार ने उद्धव ठाकरे के नेतृत्व में शपथ लिया था। शपथ ग्रहण समारोह के दौरान मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ 6 मंत्रियों को भी शपथ दिलवाई गई थी, लेकिन शपथ ग्रहण समारोह को 10 दिन से अधिक ज्यादा बीत चुके हैं,लेकिन अभी तक न मंत्रमंडल विस्तार हो सका है और न शपथ ले चुके 6 मंत्रियों को विभागों का बंटवारा किया गया है।

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उल्लेखनीय है आगामी 16 दिसंबर से विधानमंडल का शीतकालीन अधिवेशन नागपुर में शुरू होने जा रहा है और सोमवार से सचिवालय का कामकाज शुरू हो गया है, लेकिन विभागों का बंटवारा नहीं होने से संसदीय कार्य विभाग, गृह विभाग को छोड़कर मुंबई से उपराजधानी नागपुर में अन्य किसी विभाग के बड़े अधिकारी या कर्मचारी नहीं पहुंचे हैं। अधिवेशन को अब सप्ताह से भी कम समय है, लेकिन हैदराबाद हाउस में विभागों के तैयार कक्ष में अभी तक एक अधिकारी नहीं पहुंचा है।

दरअसल, प्रशासन में करीब 42 विभाग हैं और अगर जल्द विभागों का बंटवारा नहीं हुआ तो महाराष्ट्र विधानमंडल का शीतकालीन का पहला अधिवेशन बिना विभागों वाले मंत्रियों से आरंभ होगा। सवाल उठाया जा रहा है कि विभागों का बंटवारा नहीं किया गया तो क्या सभी प्रश्नों के जवाब मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे अकेले देंगे या फिर पूर्व की सरकार पर इसकी जिम्मेदारी डाली जाएगी।

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फिलहाल उक्त सवालों का जवाब ढूंढने में खुद अधिकारी भी असमंजस की स्थिति में हैं। चूंकि सभी विभाग मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के पास हैं और नागपुर अधिवेशन में कुल 5 दिन शेष है, इसलिए संभावना जताई जा रही है कि अधिवेशन के दौरान उद्धव ठाकरे को सभी सवालों के जवाब देने पड़ कते है, क्योंकि किसी मंत्री के पास विभाग नहीं होने से अधिवेशन के लिए विभागों की तैयारियां प्रभावित हुई हैं।

मालूम हो, मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे की सरकार में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष और महाविकास आघाड़ी में कैबिनेट मंत्री बालासाहेब थोरात, शिवसेना कोटे से कैबिनेट मंत्री एकनाथ शिंदे, कांग्रेस कोटे से मंत्री नितिन राउत, एनसीपी के जयंत पाटिल, छगन भुजबल और सुभाष देसाई सभी मंत्री पद की शपथ लेने के बाद विभाग मिलने का इंतजार कर रहे हैं।

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इस बीच एनसीपी नेता शरद पवार ने कहा है कि मंत्रियों के बीच जल्द से जल्द विभाग का बंटवारा किया जाना चाहिए। संभावना जताई गई है कि महाराष्ट्र में मंत्रिमंडल का विस्तार नागपुर में होने वाले शीतकालीन सत्र के बाद प्रस्तावित है, लेकिन शपथ लेने वाले 6 मंत्रियों के विभागों का बंटवारा कब होगा, इसका जवाब कोई नहीं दे रहा हैं।

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यही वजह है कि महाराष्ट्र में विभाग बंटवारे में देरी और नागपुर अधिवेशन में महाराष्ट्र सरकार की तैयारियों पर बीजेपी चुटकी ली हैं। बीजेपी नेता आशीष शेलार ने कहा कि इस गठबंधन के विधायकों में गहरा असंतोष है।

यह भी पढ़ें- राज्यसभा में पेश होने से ठीक पहले नागरिकता बिल पर शिवसेना ने बदला पाला, उद्धव ने दिया बड़ा बयान

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