शहीद एसपी बलजीत सिंह के आखिरी शब्‍द थे 'मैं उनको खदेड़ कर ही दम लूंगा'

नयी दिल्ली (ब्यूरो)। लगभग 11 घंटे बाद पंजाब के गुरुदासपुर में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच चल रही मुठभेड़ समाप्त हो गई है। इस हमले में 3 स्थानीय लोगों और 5 पुलिसकर्मियों के शहीद होने की खबर आ रही है। शहीद होने वालों में एसपी (डिटेक्टिव) बलजीत सिंह भी हैं। इस एनकाउंटर ने दीवारों पर जो गोलियों के निशान छोड़े हैं वो शायद मिट जाएं लेकिन बलजीत सिंह की बहादुरी की कहानी लोगों को जिंदगी भर याद रहेगी।

slian SP Baljeet Singh
बलजीत सिंह को जब सिर में गोली लगी और गिर पड़े तो उनके आखिरी शब्‍द यही थे 'मैं उनको खदेड़ कर ही दम लूंगा।' आपको बताते चलें कि सोमवार सुबह जब आतंकवादियों ने दीनानगर थाने पर हमला किया तभी बलजीत सिंह ने अपने जवानों के साथ उनके खिलाफ मोर्चा खोल दिया था। बलजीत सिंह के साथ आतंकियों से लड़ रहे एएसआई भुपेंद्र सिंह ने बताया कि आतंकवादियों कि गोलियां लगातार एसपी के पास से निकल रही थीं।

उन्होंने बताया कि बलजीत सिंह थाने की छत पर एक टंकी के पीछे छिपे हुए थे और लगातार जवाबी फायरिंग कर रहे थे। एएसआई भुपेंद्र सिंह ने बताया कि उनसे संभलकर रहने के लिए कहा तो उनका जवाब था- आप मेरी चिंता मत करो और आगे बढ़ कर लड़ो......मैं इनको खदेड़ कर ही रहूंगा।

तभी एक गोली बलजीत के सिर को छेदते हुए निकल गई। उन्‍हें अस्‍पताल ले जाया गया, जहां उन्‍होंने दम तोड़ दिया। दर्दनाक बात ये है कि बलजीत सिंह डेढ़ महीने पहले ही प्रमोशन पाकर एसपी बने थे। बलजीत सिंह बेहतरीन हॉकी प्‍लेयर भी थे। वह हॉकी टीम में मिडफील्डर रहे थे। उन्‍होंने 1993 में साउथ अफ्रीका के खिलाफ पहला इंटरनेशनल मैच खेला था।

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