पंजाब विपक्ष ने पीसीएस अधिकारी के उत्पीड़न का आरोप लगाया
पंजाब में एक पीसीएस अधिकारी द्वारा कथित मानसिक उत्पीड़न को लेकर शिरोमणि अकाली दल (एसएडी) और कांग्रेस ने चिंता जताई है। अधिकारी, बबदीप सिंह वालिया, जो बाघपुराना के उप-मंडल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) के पद पर कार्यरत हैं, ने कथित तौर पर मोगा के उपायुक्त (डीसी) सागर सेतिया पर स्थानीय चुनावों में आम आदमी पार्टी (आप) के उम्मीदवारों के पक्ष में दबाव बनाने का आरोप लगाया है।

एसएडी नेताओं सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया ने, कांग्रेस नेताओं प्रताप सिंह बाजवा और परगट सिंह के साथ, वालिया द्वारा कथित तौर पर लिखे गए एक पत्र को साझा किया। पत्र में दावा किया गया है कि वालिया को बाघपुराना पंचायत समिति के अध्यक्ष और उपाध्यक्ष के चुनावों के संबंध में सेतिया से अत्यधिक उत्पीड़न और मानसिक पीड़ा का सामना करना पड़ा।
पत्र के अनुसार, 17 मार्च को होने वाली चुनाव प्रक्रिया कानून-व्यवस्था की स्थिति के कारण बाधित हो गई थी। वालिया का आरोप है कि उन्होंने इस मुद्दे के बारे में मोगा डीसी को तुरंत सूचित किया था। उन्होंने आगे दावा किया कि विशिष्ट उम्मीदवारों के पक्ष में चुनाव परिणाम घोषित करने के लिए अनुचित दबाव था, जिसे वे स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनावों के सिद्धांतों का उल्लंघन मानते हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रियाएं
एसएडी अध्यक्ष बादल ने आप सरकार पर अपने उम्मीदवारों की जीत सुनिश्चित करने के लिए बलपूर्वक रणनीति अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि मुख्य सचिव से वालिया की शिकायत के बावजूद न्याय नहीं मिला है। मजीठिया ने इन भावनाओं को दोहराते हुए आरोप लगाया कि वालिया पर स्थापित नियमों के विरुद्ध कार्य करने का दबाव डाला गया था।
कांग्रेस नेता बाजवा ने इन आरोपों के बाद आप सरकार की आलोचना की। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अधिकारियों को राजनीतिक एजेंटों तक सीमित किया जा रहा है, और इस स्थिति को लोकतंत्र और शासन पर सीधा हमला बताया। बाजवा ने अधिकारियों के जबरन वसूली और उत्पीड़न को तत्काल समाप्त करने की मांग की।
मोगा डीसी की प्रतिक्रिया
मोगा डीसी सागर सेतिया ने अपने खिलाफ लगे सभी आरोपों से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि पंचायत समिति के सदस्यों की शिकायतों के आधार पर एसडीएम वालिया के खिलाफ पहले से ही जांच चल रही है। सेतिया ने उत्पीड़न के दावों को खारिज करते हुए कहा कि आरोप निराधार हैं।
आरोपों का संदर्भ
यह विवाद आम आदमी पार्टी की सरकार की सावर्जनिक वितरण निगम से जुड़े एक अन्य मामले में हो रही आलोचनाओं के बीच आया है, जिसमें कथित तौर पर आत्महत्या करने वाले गगनदीप सिंह रंधावा का मामला शामिल है। विपक्षी दल रंधावा की मौत के संबंध में पूर्व मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
यह स्थिति पंजाब में राजनीतिक दलों के बीच बढ़ते तनाव को उजागर करती है, जिसमें सत्ता के दुरुपयोग और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में राजनीतिक हस्तक्षेप के आरोप तेजी से प्रमुख हो रहे हैं।
With inputs from PTI












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