पंजाब-हरियाणा के किसानों के लिए बड़ा ऐलान, अलगे वित्त वर्ष से इलेक्ट्रोनिक मोड से होगा MSP का भुगतान
नई दिल्ली। कृषि कानूनों के विरोध में किसान आंदोलन को 3 महीने होने को जा रहे हैं। दिल्ली की तीन सीमाओं पर जिन मांगों को लेकर किसान आंदोलन कर रहे हैं, उसमें से एक MSP को लेकर कानून की मांग भी शामिल है। MSP को लेकर केंद्र सरकार ने शुक्रवार को एक बड़ी घोषणा की। ये घोषणा पंजाब और हरियाणा के किसानों के लिए की गई। केंद्र सरकार ने कहा है कि अगले सीजन से किसानों को MSP का भुगतान इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से किया जाएगा। इसके अलावा सरकार अगले डेढ़ महीनों में 2.97 लाख करोड़ रुपए की सब्सिडी फूड पर देगी। इस वित्त वर्ष के अंत यानी मार्च 31 तक यह सब्सिडी दी जाएगी।
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किसानों को भुगतान में नहीं होगी देरी
केंद्र सरकार का सब्सिडी देने के पीछे मुख्य उद्देश्य पिछले सभी बकाए को पूरा करना है। खाद्य मंत्रालय ने कहा है कि इसी के साथ पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों को अनिवार्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक मोड के जरिए ही फसलों की कम से कम कीमत (MSP) किसानों को देना होगा। खाद्य मंत्रालय ने कहा है कि इलेक्ट्रॉनिक तरीके से MSP को ट्रांसफर करने के पीछे यह कारण है ताकि इससे गलत खातों में पैसे न जाए और किसानों को पैसे मिलने में देरी ना हो।
पंजाब-हरियाणा में नहीं खत्म होंगे बिचौलिए
आपको बता दें कि केंद्र सरकार ने 2020-21 में 1 लाख 25 हजार 217 करोड़ रुपए की सब्सिडी दी है। जबकि मार्च अंत तक 2 लाख 97 हजार 196 करोड़ रुपए की सब्सिडी और दी जाएगी। सरकार ने कहा है कि वह पंजाब, हरियाणा में आढ़तियों यानी बिचौलियों को खत्म करने की कोई योजना नहीं बना रही है। सरकार ने कहा कि इलेक्ट्रॉनिक पेमेंट से यह सुनिश्चित होगा कि किसान, आढ़तिये और मंडी अपने पेमेंट डायरेक्ट लें और साथ ही पारदर्शिता भी बनी रहे। इसके जरिए वर्तमान के APMC बाजार को बदलने की कोई मंशा नहीं है।












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