आईएसआईएस की सुसाइड बाम्बर बनने को तैयार थी पुणे की लड़की!
पुणे। शनिवार को महाराष्ट्र के पुणे से एटीएस ने 16 वर्ष की जिस लड़की को पूछताछ के लिए पकड़ा है, उसने जानकारी दी है कि वह कभी आईएसआईएस के लिए सुसाइड बाम्बर बनने का सपना देखती थी। पुलिस और इंटेलीजेंस ब्यूरो के अधिकारियों की ओर से इस लड़की के साथ पूछताछ की जा रही है।

इस पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे सामने आ रहे हैं। इस लड़की की ओर से दावा किया गया है कि वह इस बात को लेकर काफी गंभीर थी और इससे साफ पता लगता है कि कैसे आईएसआईएस ऑनलाइन युवाओं का ब्रेनवॉश करने में लग गई है।
फिलहाल पुलिस इस लड़की को एक खास कार्यक्रम के तहत डि-रैडिक्लाइज्ड करने में लगी हुई है। इस कार्यक्रम में कई पुलिस अधिकारी शामिल हैं और साथ ही मुस्लिम समुदाय के कई बड़े लोगों को शामिल किया गया है।
पुलिस इस लड़की के खिलाफ कोई भी केस दो वजहों से दर्ज नहीं कर रही है। इसकी एक वजह है कि यह लड़की किसी भी तरह के अपराध में शामिल नहीं थी और दूसरी कि वह अभी नाबालिग है।
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गृह मंत्रालय की ओर से साफ कर दिया गया है कि आईएसआईएस और दूसरे आतंकी संगठनों से जुड़े केस को मौके की नजाकत को समझते हुए ही डील किया जाए। अगर किसी केस में डि-रैडिक्लाइज करना संभव हो, तो यह सबसे पहला प्रयास होना चाहिए।
पूछताछ में इस बात का पता लगा है कि आईएसआईएस के लिए उत्सुकता की वजह से वह संगठन के प्रति आकर्षित हुई।
उसने संगठन से जुड़े कई वीडियोज को देखा और इसके बाद उसका बर्ताव बदलने लगा। जो लड़की अक्सर जींस में रहती थी उसने बुर्का पहनना शुरू कर दिया था। इसकी वजह से उसके माता-पिता काफी हैरान थे।
उन्होंने इस बात पर भी ध्यान दिया कि लड़की का बर्ताव भी काफी बदल गया था। इस लड़की ने योजना बनाई थी कि वह सीरिया के किसी कॉलेज में एडमिशन लेगी और फिर वह इस संगठन का हिस्सा बन जाएगी। उसने अपनी योजना के बारे में अपने माता-पिता को भी बता दिया था।
आईबी और पुलिस की मानें तो जिस हद तक इस लड़की का ब्रेनवॉश किया गया है वह चिंता का विषय है। वह इस कदर भ्रमित थी कि अगर उस पर नजर न रखी जाती तो फिर वह सीरिया जाकर संगठन से भी जुड़ सकती थी।












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