पुलवामा आतंकी हमले पर नवजोत सिंह सिद्धू ने क्या कहा?
पुलवामा आतंकी हमले को लेकर कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने बड़ा बयान दिया है।
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नई दिल्ली। जम्मू कश्मीर के पुलवामा (pulwama) में हुए आतंकी हमले (pulwama terror attack) के बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान (pakistan) को लेकर सख्त रवैया अपनाते हुए उससे मोस्ट फेवर्ड नेशन (most favoured nation) का दर्जा छीन लिया है। इस फिदायीन हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हुए हैं। अपने जवानों की शहादत पर सीआरपीएफ की तरफ से भी बयान आया है कि ना तो वो इस हमले को कभी भूलेंगे और ना ही इस हमले को अंजाम देने वाले आतंकियों को माफ करेंगे। आतंकियों की इस कायराना हरकत से जहां पूरा देश गुस्से में है, वहीं पंजाब के मंत्री और कांग्रेस नेता नवजोत सिंह सिद्धू ने भी हमले को लेकर बड़ा बयान दिया है।

'आतंकवाद का कोई देश नहीं'
पुलवामा आतंकी हमले को लेकर मीडिया से बात करते हुए पंजाब के मंत्री नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा, 'यह घटना बेहद निंदनीय है, यह एक कायरतापूर्ण कार्य है। बातचीत के जरिए इस समस्या का एक स्थाई समाधान निकाले जाने की जरूरत है, कब तक हमारे जवान अपनी जान कुर्बान करेंगे? कब तक यह रक्तपात जारी रहेगा? ऐसा करने वाले लोगों को सजा जरूर मिलनी चाहिए।' वहीं, इस आतंकी हमले में पाकिस्तान की भूमिका को लेकर सवाल पूछे जाने पर सिद्धू ने कहा, 'आतंकवाद का कोई देश नहीं होता और ना ही आतंकियों का कोई मजहब होता है, उनकी कोई जाति नहीं होती।' हमले के बाद करतारपुर कॉरिडोर पर असर पड़ने के सवाल पर सिद्धू ने कोई जवाब नहीं दिया।

दिल्ली लाए जाएंगे शहीदों के शव
आपको बता दें कि गुरुवार शाम को सीआरपीएफ के काफिले की एक बस को निशाना बनाते हुए जैश-ए-मोहम्मद (jaish e mohammed) के एक आतंकी ने फिदायीन हमला किया था। सीआरपीआफ का यह काफिला श्रीनगर आ रहा था और काफिले में करीब 2500 जवान शामिल थे। इस हमले को अंजाम देने के लिए फिदायीन आतंकी आदिल अहमद उर्फ वकास ने 300 किलो विस्फोटक (IED) से भरी कार बस से जा टकराई। हमले में सीआरपीएफ के 44 जवान शहीद हो गए, जबकि कई जवान घायल हुए। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने इस हमले की जिम्मेदारी ली है। हमले में शहीद हुए सभी जवानों के शवों को भारतीय वायुसेना के विमान के जरिए दिल्ली लाया जाएगा।

'देश का खून खौल रहा है'
इस हमले के बाद शुक्रवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आवास पर सुरक्षा संबंधी समिति की बैठक हुई, जिसमें पाकिस्तान से मोस्ट फेवर्ड नेशन का दर्जा वापस लेने का फैसला लिया गया। बैठक के बाद केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि आतंकियों को किसी भी कीमत पर छोड़ा नहीं जाएगा। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, 'इस हमले को लेकर पूरे देश में गुस्सा है, देश का खून खौल रहा है। आतंक को कुचलने के लिए कार्रवाई और तेज होगी और हमारे जवानों के बलिदान की बड़ी कीमत आतंकियों को चुकानी होगी। मैं राजनीतिक दलों से अपील करता हूं कि हम सभी राजनीतिक छींटाकशी से दूर रहें। हम सभी को एक होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होना है और लड़ना है। हमने सुरक्षा बलों को पूरी छूट दे दी है, किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा, इस हमले के लिए आतंकियों को सजा मिलेगी।












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