एक दिन पहले स्कूल में हुए ब्लास्ट से जुड़े हैं पुलवामा आतंकी हमले के तार, जानें कैसे
पुलवामा। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में गुरुवार को हुए हमले की जांच में दिन पर दिन तेजी आ रही है। इस हमले में करीब 40 जवान शहीद हो गए हैं। वहीं एक बात जो हैरान करने वाली है वह है हमले से एक ही दिन पहले एक स्कूल में हुआ ब्लास्ट। स्कूल में हुए ब्लास्ट में 12 बच्चे घायल हो गए थे। अब सीआरपीएफ कॉन्वॉय और स्कूल में हुए ब्लास्ट के तार आपस में जुड़ते नजर आ रहे हैं। इस ब्लास्ट से ठीक एक दिन पहले पुलवामा में एनकाउंटर हुआ था और इसमें जैश-ए-मोहम्मद का आतंकी हिलाल अहमद राठर ढेर हो गया था।

सेना ने ब्लास्ट को बताया था रहस्यमय
बुधवार को दोपहर करीब 2:30 बजे पुलवामा के रात्नीपोरा स्थित एक स्कूल में ब्लास्ट हुआ था। पुलवामा आतंकी हमले के बाद माना जा रहा है कि सीआरपीएफ के कॉन्वॉय पर हमले के लिए जो विस्फोटक लाया गया था, उसे इसी स्कूल के करीब रखा गया था। ब्लास्ट के समय इसके पीछे की वजहों के बारे में पता नहीं चल पाया था। सेना की ओर से इस ब्लास्ट को एक रहस्यमय ब्लास्ट करार दिया गया था। ब्लास्ट पुलवामा के फलाइ-ए-मिलात नरबल प्राइवेट स्कूल में हुआ था। स्कूल में टीचर जावेद अहमद ने बताया कि जिस समय धमाका हुआ वह पढ़ा रहे थे और अचानक उन्हें तेज आवाज आई।

जिस जगह का आदिल उसी जगह पर ब्लास्ट
रात्नीपोरा के काकरपोरा इलाके में आने वाले नरबल गांव में यह ब्लास्ट हुआ था। आपको बता दें कि सीआरपीएफ कॉन्वॉय पर हमला करने वाला आदिल अहमद डार भी काकरपोरा का ही रहने वाला था। गुरुवार को हुए हमले की जांच के लिए राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) पुलवामा पहुंच चुकी है। शुरुआती जांच में जो बात सामने आई है उसके मुताबिक हमले के लिए आईईडी नहीं बल्कि आरडीएक्स का प्रयोग हुआ था। बताया जा रहा है कि हमलावर आदिल अहमद डार ने 10 से 15 किलोग्राम आरडीएक्स की मदद से इस आत्मघाती हमले को अंजाम दिया था। पहले इस बात की खबरें थीं कि हमले के लिए करीब 350 किलोग्राम विस्फोटक का प्रयोग किया गया है।

11 वर्ष बाद हमले में आरडीएक्स का प्रयोग
हमले के लिए बताया जा रहा है कि आरडीएक्स का प्रयोग किया गया था। अगर यह बात सही साबित होती है तो आरडीएक्स के इतने बड़े पैमाने पर प्रयोग की घटना करीब 11 वर्ष बाद हुई है। आखिरी बार साल 2008 में असम में आतंकी हमलों के लिए आरडीएक्स का प्रयोग हुआ था। पुलवामा हमला जिस बड़े स्तर पर अंजाम दिया गया है उससे माना जा रहा है छोटी-छोटी मात्रा में कई माह से आरडीएक्स को जम्मू कश्मीर में इकट्ठा किया जा रहा था। सीआरपीएफ सूत्रों के मुताबिक हमले के लिए करीब 80 किलोग्राम आरडीएक्स का प्रयोग किए जाने की संभावना है। वहीं एनआईए के अधिकारी हालांकि इससे कम मात्रा के प्रयोग की बात कह रहे हैं।
मदद बस एक कॉल दूर
पहचान पूर्णतः गोपनीय , पेशेवर परामर्श सेवा
iCALL मेंटल हेल्पलाइन नंबर: 9152987821
सोम - शनि: सुबह 10 बजे - शाम 8 बजे
-
Balen Shah India Visit: भारत दौरे से पहले बालेन शाह ने रखी कई शर्तें, कहा- सिर्फ फोटो खिंचवाने नहीं आऊंगा -
Samrat Choudhary: 'तू जहां-जहां चलेगा मेरा साया साथ होगा', कौन हैं सम्राट चौधरी की पत्नी? क्या करती हैं? -
Tamil Nadu: धमकी से मुस्लिम महिला की सुरक्षा तक—हजीना सैयद के आरोपों से हिली कांग्रेस, चुनाव से पहले फोड़ा बम -
कौन हैं 24 साल के प्रफुल हिंगे? IPL डेब्यू मैच के पहले ओवर में झटके 3 विकेट, तोड़ दी राजस्थान रॉयल्स की कमर -
Gold Rate Today: सोना खरीदारों की मौज! हफ्ते के पहले ही दिन धड़ाम से गिरे दाम, चेक करें अपने शहर का नया रेट -
MP CM Kisan Kalyan Yojana: 82 लाख किसानों को बड़ा तोहफा! 14-15 अप्रैल को खाते में आ सकती है किस्त -
Balen Shah Government: नेपाली गृह मंत्री के बयान ने उड़ा दी भारत की नींद, चीन को लेकर क्या कहा? -
Nitish Kumar ने इस्तीफा देते वक्त क्या कहा आखिरी पोस्ट में? जाति को लेकर कही दिल की बात -
युवराज सिंह के शिष्य की दुखद मौत, 3 दिन के बाद मिली लाश, IPL में आने से पहले ही चली गई जान -
मुस्लिम पति फरमान खान को छोड़कर कहां गईं Monalisa? क्या सच में हुईं गायब? वीडियो की सच्चाई आई सामने -
Hajj 2026: ईरान जंग के बीच सऊदी ने मक्का में बैन की एंट्री! हज से पहले सख्त हुए नियम, उमरा वीजा सस्पेंड -
फोन इस्तेमाल करने पर राजस्थान रॉयल्स का अजीब जवाब, BCCI के नोटिस के बाद कहा- मैनेजर के फेफड़े खराब












Click it and Unblock the Notifications