लोकसभा चुनाव 2019 : सुंदरगढ़ लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: ओडिशा की सुंदरगढ़ लोकसभा सीट से मौजूदा सासंद भाजपा के जुएल ओराम हैं। बीजेपी के जुएल ओराम को बीते चुनाव में बीजेडी प्रत्याशी दिलीप कुमार टिर्की से कड़ी टक्कर मिली थी। जुएल ओराम 18, 829 वोट से जीतने में सफल रहे थे। जुएल ओराम को 3 लाख 40 हज़ार 508 वोट मिले थे, जबकि पराजित बीजेडी उम्मीदवार को 3 लाख 21 हज़ार 679 वोट मिले थे। वहीं कांग्रेस के हेमानन्द बिस्वाल को 2 लाख 69 हज़ार से ज्यादा वोट मिले थे। सुंदरगढ़ लोकसभा सीट में कुल 14 लाख 10 हज़ार 532 मतदाता हैं। इनमें 7 लाख 18 हज़ार 689 पुरुष हैं। पिछले चुनाव में 72 फीसदी वोट डाले गये थे। अगर वोटों के हिसाब से देखें तो 10 लाख 10 हज़ार 711 मतदाताओं ने वोट दिए थे। इनमें 5 लाख 15 हज़ार 665 पुरुष थे।

सुंदरगढ़ लोकसभा सीट का इतिहास
सुंदरगढ़ लोकसभा सीट इस सम बीजेपी के पास है। इस सीट से सांसद जुएल ओराम यहां बीजेपी के बड़े आदिवासी नेता हैं। केंद्र में आदिवासी मामलों के मंत्री हैं। वे बीजेपी के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष भी हैं। पहले ओडिशा बीजेपी के अध्यक्ष रह चुके हैं। अगर आपको याद हो तो ये वही जुएल ओराम हैं जिन्होंने विजय माल्या से सबको सीखने की नसीहत दी थी कि किस तरह कम पढ़ा लिखा होकर भी वह दूसरों को बेवकूफ बनाने में कामयाब रहा। जुएल ओराम 1998 से बीजेपी के लिए सुंदरगढ़ की सीट जीतते चले आ रहे हैं। केवल 2009 में उनसे कांग्रेस ने यह सीट छीन ली थी। कांग्रेस के लिए सुंदरगढ़ की सीट परम्परागत सीट रही है।
अब तक 16 चुनावों में कांग्रेस को 7 बार जीत मिली है। 1952, 1957, 1971, 1980, 1984, 1991, 1996 और 2009 में कांग्रेस ने सुंदरगढ़ में जीत दर्ज की। सुंदरगढ़ लोकसभा क्षेत्र की कुल आबादी 20 लाख 96 हज़ार 524 है। इनमें ग्रामीण आबादी 64.65 फीसदी है। ख़ास बात ये है कि आदिवासियों की आबादी इस लोकसभा सीट पर आधे से ज्यादा है। वहीं आदिवासी यहां 50.3 फीसदी हैं। अनुसूचित जाति वर्ग की आबादी 8.71 फीसदी है। सुंदरगढ़ लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में विधानसभा की 6 सीटें हैं। इनमें से सुंदरगढ़, बीरमित्रापुर, राजगांगपुर और बोनाई आदिवासियों के लिए सुरक्षित हैं जबकि रघुनाथपाली अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित सीट है। सुंदरगढ लोकसभा सीट के अंतर्गत विधानसभा सीटों में कांग्रेस और बीजेडी के पास दो-दो सीटें हैं, जबकि बीजेपी और सीपीएम के पास एक एक सीट हैं।
जुएल ओराम का लोकसभा में प्रदर्शन
जुएल ओराम एक सांसद के रूप में सक्रिय रहे हैं। सांसद निधि से भी उन्होंने अपने इलाके के लिए काम कर दिखाया है। 25 करोड़ की राशि में से 18.17 करोड़ रुपये खर्च के लिए मंजूर की जा चुकी है। दिसम्बर 2015 तक सांसद निधि में 2 लख 95 हज़ार की रकम शेष थी। 2019 के आम चुनाव में भी सुंदरगढ़ लोकसभा सीट पर त्रिकोणीय संघर्ष की स्थिति दिख रही है। मुकाबला कांटे का होगा। बीजेपी और बीजेडी के बीच कांग्रेस कितनी जगह बना पाती है यह देखने वाली बात होगी। कांग्रेस इस लोकसभा सीट में मजबूत दावेदार इसलिए है कि विधानसभा चुनाव में भी पार्टी को यहां से दो सीटें मिली थीं। ऐसे में ये कहना बहुत मुश्किल है कि नम्बर वन और नम्बर टू में किसकी जगह को बदलने में कांग्रेस सफल रहेगी या फिर एक बार फिर पिछले चुनाव जैसे परिणाम आने वाले हैं।
ये भी पढ़ें :- लोकसभा चुनाव 2019 : पुरी लोकसभा सीट के बारे में जानिए












Click it and Unblock the Notifications