लोकसभा चुनाव 2019: प्रतापगढ़ लोकसभा सीट के बारे में जानिए

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ लोकसभा सीट से वर्तमान सांसद अपना दल के कुंवर हरिबंश सिंह हैं। उन्होंने बसपा को हराकर ये सीट जीती। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर दूसरे नंबर पर बीएसपी, तीसरे पर कांग्रेस और चौथे नंबर पर सपा थी। साल 2014 में अपना दल ने भाजपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ा था।

profile of Pratapgarh lok sabha constituency

प्रतापगढ़ लोकसभा सीट में पांच विधान सभा क्षेत्र

यूपी की प्रतापगढ़ लोकसभा सीट के अंतर्गत पांच विधानसभा क्षेत्र आते हैं। जिनके नाम रामपुर ख़ास, विश्वनाथ गंज, प्रतापगढ़, पट्टी और रानीगंज हैं। साल 1952 में यहां पहली बार लोकसभा चुनाव हुए, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के मुनीश्वर दत्त उपाध्याय विजयी रहे थे और प्रतापगढ़ के पहले सांसद बने थे। वो लगातार दो बार यहां की सीट पर विजयी रहे। 1962 में यहां पर भारतीय जन संघ ने बाजी मारी और अजीत प्रताप सिंह यहां से एमपी चुने गए। इसके बाद 1967 में कांग्रेस ने दोबारा यहां जीत हासिल की और इस बार कांग्रेस के नेता दिनेश सिंह यहां के सांसद बने। वो लगातार दो बार इस सीट पर विजयी रहे थे, वो देश के विदेश मंत्री भी रहे थे।

साल 1977 में भारतीय लोकदल के रूपनाथ सिंह यादव इस सीट पर विजयी रहे और इनके बाद अजित प्रताप सिंह दोबारा यहां के सांसद पद पर बैठे। अजित इस बार कांग्रेस की टिकट पर चुनाव लड़े थे। 1991 में जनता दल के नेता अभय प्रताप सिंह सांसद की सीट पर बैठे। साल 1996 में कांग्रेस के टिकट पर दिनेश सिंह की बेटी राजकुमारी रत्ना सिंह प्रतापगढ़ की पहली महिला सांसद बनी थी। 1998 में पहली बार भाजपा यहां जीती और भाजपा नेता राम विलास वेदांती यहां से सांसद चुने गए लेकिन 1999 में राजकुमारी रत्ना सिंह ने उन्हें हरा दिया और ये सीट अपने नाम की। 2004 में समाजवादी पार्टी के अक्षय प्रताप सिंह ने यहां की सीट पर जीत दर्ज की लेकिन साल 2014 में ये सीट अपना दल के नाम रही और कुंवर हरिबंश सिंह यहां के एमपी बने।

कुंवर हरिबंश सिंह

पिछले 5 सालों के दौरान कुंवर हरिबंश सिंह की लोकसभा में उपस्थिति 91 प्रतिशत रही। इस दौरान उन्होंने 31 डिबेट में हिस्सा लिया है और 996 प्रश्न सदन में पूछे हैं।

प्रतापगढ़ लोकसभा सीट ,परिचय- प्रमुख बातें

देश के प्रथम प्रधानमंत्री पं. जवाहर लाल नेहरू ने अपना राजनीतिक करियर शुरू किया था
राष्ट्रीय कवि हरिवंश राय बच्चन की जन्म स्थली के नाम से भी जाना जाता है
1858 में इस जिले की स्थापना हुई थी
बेल्हा प्रतापगढ़ ने नाम से जाना जाता था क्योंकि यहां सई नदी के किनारे मां बेल्हा देवी का मंदिर था
प्रतापगढ़ देश के 250 सबसे पिछड़े इलाकों में से एक
प्रतापगढ़ 3,717 वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है और औसत साक्षरता दर 70.09% है।
दुनिया में सबसे ज्यादा आंवला पैदा होते हैं
साल 2014 में 1716394 मतदाताओं ने वोट दिया
पुरुष मतदाताओं की संख्या 53 प्रतिशत और महिला मतदाताओं की संख्या 46 प्रतिशत थी।
प्रतापगढ़ की 85 प्रतिशत आबादी हिंदू और 14 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिम

सपा-बसपा गठबंधन के बाद इस सीट पर आगामी लोकसभा चुनाव दिलचस्प हो गया है।

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