लोकसभा चुनाव 2019: पलामू लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: झारखंड के पलामू लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा के विष्णु दयाल राम हैं। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में राजद के मनोज कुमार को भारी मतों से मात दी थी। साल 2014 में 977,323 लोगों ने वोट दिया था। जिनमे से 453,869 महिलाएं और 523,454 पुरुष थे। जनगणना के आंकड़ों पर नजर डालें तो पाएंगे कि जिले में 89.57 फीसदी ग्रामीण और 10.43 फीसदी शहरी जनता है जिसमे 25.9 अनुसूचित जाति और 11.93 अनुसूचित जनजाति के लोग निवास करते हैं।

झारखंड के 24 जिलों में से एक पलामू जिला 1892 में निर्मित है।जिले का मुख्यालय मेदिनीनगर (डाल्टेनगंज) है जो उत्तर कोयल नदी के दाहिने तट पर स्थित है । पलामू का जनसमुदाय मुख्यतः जनजातीय है। प्रमुख जनजातियों में खेरवार, चेरो, मुंडा, उरांव, बिरजिया और बिरहोर शामिल हैं। जनजातीय विश्वास और रीति-रिवाज जंगल के प्रति लोगों के बर्ताव को निर्धारित करते हैं। पलामू के जनजातीय समुदाय पवित्र वनों की पूजा करते हैं (सरणा पूजा)। वे करम वृक्ष (एडीना कोर्डिफोलिआ) को पवित्र मानते हैं और वर्ष में एक बार करमा पूजा के अवसर पर उसकी आराधना करते हैं। हाथी, कछुआ, सांप आदि अनेक जीव-जंतुओं की भी पूजा होती है। इन प्राचीन मान्यताओं के कारण सदियों से यहां की जैविक विविधता पोषित होती आ रही है।
2006 में पंचायती राज मंत्रालय ने इस क्षेत्र को देश के 250 सबसे पिछड़े जिलों में रखा था। इस जिले को सरकार के बैकवर्ड रीजन ग्रांट फण्ड प्रोग्राम के तहत विकास के लिए फंड्स मिलते हैं| 2011 की जनगणना के मुताबिक पलामू जिले की जनसंख्या है 2,436,319 जिससे यह जिला देश के सबसे अधिक जनसंख्या वाले जिलों की फेहरिस्त में 243 वे स्थान पर आता है। झारखण्ड के 14 लोकसभा निर्वाचन क्षेत्रों में से एक पलामू अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित सीट है। इस लोक सभा सीट के अंतर्गत 6 विधानसभा सीटें और 21 मण्डल आते हैं। इन लोकसभा सीटों के नाम हैं डाल्टनगंज, गढ़वा ,भवनाथपुर, बिश्रामपुर, छतरपुर और हुसैनाबाद| इन विधानसभा सीटों में से छतरपुर की सीट निचली जातियों के लिए अरक्षित है।
विष्णु राम दयाल का लोकसभा में प्रदर्शन
पलामू के मौजूदा सांसद हैं जनसंख्या के सम्बन्ध में अगर पोलिंग परसेंटेज देखा जाए तो वो सिर्फ 59 प्रतिशत ही है। यानि की मौजूदा सांसद विष्णु राम दयाल के संसद में कार्यकाल और प्रदर्शन पर एक नजर डालते हैं। विष्णु राम दयाल ने संसद में अपनी उपस्थिति बेहतर ढंग से दर्ज करायी है। इनकी उपस्थिति का व्यक्तिगत औसत राज्य औसत 86 % के अपेक्षाकृत ९२% है। बात करें डिबेट्स में हिस्सा लेने की तो इन्होने अपने कार्यकाल में कुल 75 डिबेट्स में हिस्सा लिया जहाँ राज्य औसत 81.4 और राष्ट्रिय औसत 63.8 है। प्रश्न पूछने के मामले में इन्होने एक बढ़िया आंकड़ा पेश किया। इन्होने राज्य औसत 406 और राष्ट्र औसत 273 के अपेक्षाकृत 384 प्रश्न पूछे। इसके साथ ही उम्दा प्रदर्शन करते हुए इन्होने अपनी कार्यावधि में कुल 7 प्राइवेट मेम्बर बिल भी प्रस्तुत किये।
वहीँ अगर स्ट्राइक रेट की माने तो इस सीट पर भाजपा और जन मुक्ति मोर्चा का जीत का आंकड़ा लगभग बराबरी पर ही है। ये देखना वाकई बहुत रोचक होगा कि 2019 के लोकसभा चुनाव में चुनावी ऊंट किस करवट बैठेगा।












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