लोकसभा चुनाव 2019: मछलीपट्टनम लोकसभा सीट के बारे में जानिए
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नई दिल्ली। आंध्रप्रदेश की मछलीपट्टनम सीट पर शुरू से ही कांग्रेस और टीडीपी का राज रहा है। इस सीट से फिलहाल तेलुगू देशम पार्टी यानी की टीडीपी के कोनाकल्ला नारायण राव वर्तमान में सासंद हैं। मछलीपट्टनम सीट से कोनाकल्ला पिछले दस सालों से सासंद हैं। अक्सर कई सामाजिक और सांस्कृतिक गतिविधियों से जुड़े रहने वाले कोनाकल्ला मछलीपट्टनम के ही रहने वाले हैं। एक ठेकेदार के रूप में अपना करियर शुरू करने वाले कोनाकल्ला राजनीति में आने से पहले एक किसान थे। आंध्रप्रदेश में गौड़ा जाति से ताल्लुक रखने वाले कोनाकल्लम सिर्फ 12वीं पास है। अपने समुदाय में गरीबों और पिछड़े वर्गों की आवाज माने जाने वाले कोनाकल्ला को अपने इलाके में मछुआरा समुदाय के भी काफी करीबी माना जाता रहा है। कोनाकल्ला ने 2014 लोकसभा चुनाव में YSRCP के कोलूसू पार्था सारथी को हराया था।

पिछले 30 वर्षों से कोनाकल्ला मछलीपट्टनम के आरटीसी डिपो में राष्ट्रीय मजदूर व्यापार संघ के अध्यक्ष रहे हैं। उन्होंने ब्लू-कॉलर श्रमिकों के साथ एक अच्छा संबंध बनाए रखने के साथ-साथ श्रमिकों की कई समस्याओं को हल करने में मदद की है। आंध्रप्रदेश की जनता को कोनाकल्ला की लोकप्रियता का पता तब चला जब उन्होंने कांग्रेस के बदिगा रामकृष्ण को भारी वोटों से हराया था। 2009 में पहली बार सासंद बनकर दिल्ली पहुंचने वाले कोनाकल्ला पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस पर समिति के सदस्य के रूप में काम कर चुके हैं। आम लोगों में मिलते-जुलते रहने वाले और सामाजिक कल्याण गतिविधियों ने 2009 का चुनाव जीतने में उनकी मदद की थी।
आंध्रप्रदेश के मछलीपट्टनम सीट की बात करे तो 1980 से लेकर अब तक यहां टीडीपी और कांग्रेस के बीच शुरू से टक्कर रही है। इस सीट से पांच बार टीडीपी ने जीत हासिल की है, तो वहीं कांग्रेस ने भी पांच बार इसी सीट पर कब्जा जमाया है। मछलीपट्टनम संसदीय सीट की आबादी 18,25,184 हैं, जिसमें से करीब 69 फीसदी ग्रामीण इलाकों में रहते हैं और सिर्फ 31 फिसदी लोग शहरी है। इसके अलावा वर्ग के आधार पर देखे तो इस मछलीपट्टनम में करीब 20 फीसदी अनुसूचित जाति के लोग है और 3 फीसदी से भी कम अनुसूचित जनजाति के लोग है।
अब अगर में संसद में मछलीपट्टनम के सासंद के प्रदर्शन पर नजर डाले, तो वह अब तक बहुत ही प्रभावित करने वाला रहा है। संसद में 83 फीसदी उपस्थित रहने वाले कोनाकल्ला नारायण राव 183 सवाल पूछ चुके हैं और इसके अलावा दो डिबेट में भी भाग ले चुके हैं। इस सीट पर अगर वोटिंग टर्नआउट की बात करे तो 2014 में 83 फीसदी लोग वोट देने के लिए बाहर आए थे। पिछले लोकसभा चुनाव में मछलीपट्टनम सीट पर कुल 11,41,065 लोगों ने वोट किया था, जिसमें से 5,73,157 महिलाओं और 5,67,908 पुरुषों ने वोट किया था।
आंधप्रदेश में टीडीपी की स्थिती अभी भी मजबूत दिखाई दे रही है। हालांकि, तेलंगाना में कांग्रेस और टीडीपी ने मिलकर चुनाव लड़ा था, लेकिन कुछ हाथ नहीं लगा। इस बीच अटकलें यह भी हैं कि आगामी लोकसभा चुनाव में टीडीपी का मूड कांग्रेस के साथ गठबंधन करने को लेकर कम हो रहा है और चंद्रबाबू नायडू अकले अपने दम पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे हैं। हालांकि, मछलीपट्टनम सीट पर इस बार भी टीडीपी की स्थिति मजबूत दिखाई दे रही है।












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