लोकसभा चुनाव 2019: लखीमपुर लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली। असम की लखीमपुर लोकसभा सीट से इस वक्त भारतीय जनता पार्टी के नेता प्रदान बरुआ सांसद हैं। उन्होंने 2014 के लोकसभा चुनाव में कांग्रेस की हेमा पेगु को 1लाख 90हजार219 वोटों से हराकर यह सीट अपने नाम की थी। लखीमपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र (निर्वाचन क्षेत्र संख्या 14) में कुल मतदाताओं की संख्या 14,30,994 है। इनमें से 7,35,263 मतदाता पुरुष हैं और 6,95,731 महिलाएं हैं। 2014 के लोकसभा चुनाव में 11,11,975 लोगों मतदान किया था। इनमें 5,72,334 मतदाता पुरुष और 5,39,641 मतदाता महिलाएं थी। 2014 के लोकसभा चुनाव में इस सीट पर कुल 78 फीसदी मतदान हुआ था। 1967 से 2014 के बीच यहां पर इस सीट पर 7 बार कांग्रेस और 2 बार असम गण परिषद जीती है।

इस सीट पर आजादी के बाद अधिकतर समय तक कांग्रेस का कब्जा रहा है। 1967 में कांग्रेस की टिकट से बी शास्त्री यहां से सांसद चुने गए थे। 1971 में भी बी शास्त्री कांग्रेस की टिकट से एक बार फिर लोकसभा के लिए चुने गए। 1977 में कांग्रेस के ललित कुमार डोले सांसद बने। 1985 में निर्दलीय उम्मीदवार गाकुल सायकिया सांसद चुने गए। 1991 में कांग्रेस ने बॉलिन कुली के नेतृत्व में इस सीट को एक बार फिर अपने पाले में डाल लिया। लेकिन 1996 में बोलिन कुली चुनाव हार गए सीट असम गण परिषद के अरुण कुमार शर्मा ने जीत ली।
1998 और 1999 में यहां से कांग्रेस की रानी नराह सांसद चुनी गईं। लेकिन 2004 में अरुण शर्मा ने रानी नराह को हराकर इस सीट पर अपना कब्जा जमा लिया। 2009 में रानी नराह ने वापसी की और सीट कांग्रेस के खाते में शामिल करा दी। लेकिन मोदी लहर में रानी नराह बीजेपी के सर्वानंद सोनेवाल के सामने चुनाव हार गईं। 2016 में सर्वानंद के सीट छोड़ने के बाद इस सीट पर हुए उप चुनाव में बीजेपी के प्रदान बरुआ सांसद चुने गए।
मौजूदा सांसद के बारे में:
प्रदान बरुआ बीजेपी की टिकट से पहली बार सांसद पहुंचे हैं। उन्हें कांग्रेस की हेमा पेगु को हाराया। लखीमपुर एक ग्रामीण सीट है। इस सीट पर एसटी वोटर हमेशा अहम भूमिका में होते हैं। इस लोकसभा के अंतर्गत आने वाली 9 विधानसभाओं में 4 विधानसभा सीटें एसटी के लिए आरक्षित हैं। इस लोकसभा सीट के अंतर्गत माजुली (एसटी), ओबोइचा, लखीमपुर,धाकुआखाना (एसटी), धेमाजी (एसटी), जोनई (एसटी), छाबुआ, डूमडूमा, सादिया सीटें आती हैं। यहां पर इस बार के चुनाव में किसानों के मुद्दे और नेशनल वोर्टस रजिस्टर, नागरिकता के कानून में बदलाव के अलावा असम अकार्ड को लागू करना अहम मुद्दे रहेंगे।
लखीपुर एक परिचय: प्रमुख बातें
- असम के उत्तर-पूर्वी क्षेत्रों में स्थित यह संसदीय क्षेत्र उत्तर में अरुणाचल प्रदेश, दक्षिण में माजुली डिवीजन के जोरहाट जिले से घिरा हुआ है।
- 2011 की जनगणना के मुताबिक लखीमपुर की जनसंख्या 10,42,137 दर्ज की गई थी।
- यह संसदीय क्षेत्र चाय, चावल, गन्ना और सरसों जैसी फसलों के उत्पादन के लिए जाना जाता है।
- इसके अलावा, लघु उद्योग और हथकरघा राज्य के राजस्व के प्रमुख स्रोत हैं।
- लोअर सुबनसिरी हाइड्रो प्रोजेक्ट (2000 मेगावाट) लखीमपुर जिले में किसी भी औद्योगिक उन्नति की शुरुआत है।
- जिले का मुख्यालय उत्तर लखीमपुर है। वहीं जिले का हवाई अड्डा भी है जिसे लीलाबाड़ी विमानक्षेत्र कहते हैं।












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