लोकसभा चुनाव 2019: खम्मम लोकसभा सीट के बारे में जानिए

नई दिल्ली: तेलंगाना की खम्मम लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद पी. श्रीनिवास रेड्डी हैं। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर उन्होंने वाईएसआर कांग्रेस पार्टी के टिकट पर जीत दर्ज की थी लेकिन इस चुनाव के बाद उन्होंने टीआरएस पार्टी ज्वाइन कर ली। उस साल उन्होंने यहां पर टीडीपी के नामा नागेश्वर राव को 11,974 वोटों के अंतर से मात दी थी। पी. श्रीनिवास रेड्डी को 4,21,957 वोट मिले थे तो वहीं नागेश्वर राव को 4,09,983 वोट मिले थे, तीसरे नंबर पर सीपीआई के के. नारायणा रहे थे, उन्हें 1,87,653 वोट प्राप्त हुए थे। साल 2014 के चुनावों में यहां पर कुल मतदाताओं की संख्या 14,40,289 थी, जिसमें से केवल 11,82,897 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग यहां पर किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 5,88,728 और महिलाओं की संख्या 5,94,169 थी।

profile of Khammam lok sabha constituency

खम्मम लोकसभा सीट का इतिहास
खम्मम लोकसभा सीट 1952 में अस्तित्व में आई थी, शुरुआत से ही यह सीट कांग्रेस का मजबूत गढ़ रही है, यहां से कांग्रेस के उम्मीदवार 12 बार जीते हैं, कांग्रेस के अलावा यहां से सीपीआई, टीडीपी, सीपीएम, वाईएसआर कांग्रेस पार्टी को भी लोकसभा चुनावों में जीत हासिल हुई है, इस सीट से कांग्रेस की वरिष्ठ नेता रेणुका चौधरी दो बार चुनाव जीत चुकी हैं, वो यहां से साल 1999 और साल 2004 में सांसद चुनी गई थीं तो वहीं यहां से सबसे ज्यादा लगातार तीन बार कांग्रेस की टी. लक्ष्मी कांतम्मा सांसद चुनी गई थीं, वो 1962, 1967 और 1971 में यहां की सांसद पद पर रही थीं। इस सीट से आंध्र प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री जे. वेंगला राव चुनाव लड़कर जीत चुके हैं. वह आठवीं और नौवीं लोकसभा में यहां से प्रतिनिधि चुने गए थे, उनके अलावा आंध्र प्रदेश के ही एक और पूर्व मुख्यमंत्री एन. भास्करा राव 12वीं लोकसभा में यहां से जीते थे। साल 2014 में इस सीट से पहली बार पी. श्रीनिवास रेड्डी सांसद चुने गए हैं। दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक सांसद पी. श्रीनिवास रेड्डी की लोकसभा में उपस्थिति 65 प्रतिशत रही है, इस दौरान उन्होंने 32 डिबेट में हिस्सा लिया है और 393 प्रश्न पूछे हैं।

खम्मम, एक परिचय-प्रमुख बातें-
खम्मम लोकसभा सीट तेलंगाना के खम्मम जिले में हैं, खम्मम शहर एक व्यापारिक और आर्थिक केंद्र है। आसपास के क्षेत्र में चावल, ज्वार, मक्का और दलहन उगाए जाते हैं। कोयला, रक्तमणि, लौह अयस्क और सिलखड़ी भी यहां मिलते हैं। यहां की जनसंख्या 19,48,347 है, जिसमें से 73.49% लोग ग्रामीण इलाकों में और 26.51% लोग शहरी इलाकों में रहते हैं, यहां पर 18.36% लोग एससी वर्ग के और 19.42% लोग एसटी वर्ग के हैं। खम्मम लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में सात विधानसभा सीटें आती हैं, जिनके नाम हैं खम्मम, पालेयर, मधिरा, वायरा, साथुपल्ले, कोथागुडेम और असवारावपेटा, इनमें से तीन सीटों पर कांग्रेस, दो पर टीडीपी और एक सीट पर टीआरएस और एक सीट पर निर्दलीय विधायक हैं, इनमें पालेयर, मधिरा और कोथागुडेम सीट कांग्रेस के पास, साथुपल्ले और असवारावपेटा टीडीपी के पास जबकि खम्मम सीट टीआरएस के पास और वायरा में निर्दलीय विधायक हैं।

रेड्डी के टीआरएस में जाने की वजह से वाईएसआर का खासा नुकसान हुआ है। पिछले चुनाव में टीआरएस का प्रदर्शन पूरे राज्य में बेहतरीन था। उसने राज्य की 17 सीटों में से 11 पर जीत दर्ज की थी, यही नहीं इस चुनाव के बाद कांग्रेस, वायएसआर कांग्रेस और टीडीपी के एक-एक सांसद केसीआर खेमे में चले गए जिससे अब टीआरएस का स्कोर 14 है, जबकि एक-एक सीट पर बीजेपी, कांग्रेस और AIMIM के सांसद हैं, हाल के विधानसभा चुनाव में भी तेलंगाना राष्ट्र समिति (टीआरएस) के पास इस 88 सीटें मिली थीं, जबकि कांग्रेस को 19, AIMIM को 2, टीडीपी को 2 , भाजपा को 1, ऑल इंडिया फॉरवर्ड ब्लॉक को 1 और निर्दलीय को 1 सीट मिली थी। ऐसे में यहां टीआरएस को चुनौती देना दूसरे दलों के लिए आसान नहीं होगा, देखते हैं इस बार के लोकसभा चुनाव में भी उसका जादू यूं ही बरकरार रहता है या फिर हमें कुछ चौंकाने वाले नतीजे देखने को मिलते हैं।

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