लोकसभा चुनाव 2019: चंद्रपुर लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: महाराष्ट्र की चंद्रपुर लोकसभा सीट से भाजपा नेता हंसराव गंगाराम अहीर सांसद हैं, जिन्होंने साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी 23, 62,69 वोटों से हराकर इस सीट पर अपनी और बीजेपी दोनों की जीत की हैट्रिक पूरी की थी। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर कांग्रेस और नंबर 3 पर आप थी, उस साल यहां पर कुल मतदाताओं की संख्या 17,53,690 थी, जिसमें से मात्र 11,09,743 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 6,02,923 और महिलाओं की संख्या 5,06,820 थी। यहां पर 80 प्रतिशत लोग हिंदू धर्म में और 4 प्रतिशत लोग इस्लाम धर्म में यकीन रखते हैं।

चंद्रपुर संसदीय सीट का इतिहास
चंद्रपुर संसदीय सीट के अंतर्गत विधानसभा की 6 सीटें आती हैं। 1952 में यहां पहली बार आम चुनाव हुआ था, जिसे की कांग्रेस ने जीता था, 1957 के चुनाव में भी यहां कांग्रेस का ही राज रहा, 1962 में इस सीट से कांग्रेस को पहली बार तब हार का सामना करना पड़ा जब निर्दलीय उम्मीदवार लाल श्यामशाह की यहां जीत हुई, 1967 में भी यहां निर्दलीय केएम कौशिक जीते जबकि 1977 में भारतीय लोकदल को यहां विजय हासिल हुई, हालांकि 1980 में यहां कांग्रेस की वापसी हुई और पूर्व केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और शिक्षा महर्षि शांताराम पोटदुखे यहां से सांसद चुने गए, वो लगातार चार बार इस सीट पर निर्वाचित हुए यानी कि साल 1991 तक यहां पर कांग्रेस का राज रहा, उसके इस राज को खत्म किया भाजपा ने साल 1996 में, जब हंसराव गंगाराम अहीर ने यहां बंपर जीत दर्ज की, हालांकि 1998 के चुनाव में यहां कांग्रेस की वापसी हुई और उसका जलवा 1999 में भी बरकरार रहा लेकिन साल 2004 के चुनाव में यहां पर भाजपा ने कांग्रेस को हरा दिया और तब से लेकर अब तक उसका ही राज यहां पर कायम हैं और लगातार तीन बार से इस सीट पर हंसराव गंगाराम अहीर सांसद हैं।
चंद्रपुर , परिचय-प्रमुख बातें-
पूर्वी महाराष्ट्र का जिला चंद्रपुर राज्य के प्राचिन जिलों में से एक है, चंद्रपुर का अर्थ होता है, 'चंद्रमा का घर'। जंगल औऱ बाघों के लिये पहचाना जाने वाला ये शहर 12वीं से 18वीं शताब्दी तक गोंड वंश की राजधानी था। बाद में नागपुर के मराठा भोंसले ने इसे जीत लिया। 1854 से 1947 में भारत के स्वतंत्र होने तक यह ब्रिटिश मध्य प्रांत का हिस्सा था। यह ब्रिटिश शासन के दौरान चांदा नाम से जाना जाता था। यहां की कुल आबादी 22 लाख 96 हजार 984 है, जिसमें से 62 प्रतिशत लोग गांवों में और 37 प्रतिशत लोग शहरों में निवास करते हैं।
हंसराव गंगाराम अहीर 1994 में पहली बार महाराष्ट्र की विधानसभा के सदस्य चुने गए थे और चंद्रपुर में भाजपा की जीता का श्रेय उन्हें ही जाता है, दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में उनकी उपस्थिति 91 प्रतिशत रही है और इस दौरान उन्होंने मात्र 10 डिबेट में हिस्सा लिया है और 115 प्रश्न पूछे हैं। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर कांग्रेस और नंबर 3 पर आप थी, उस साल यहां पर कुल मतदाताओं की संख्या 17,53,690 थी, जिसमें से मात्र 11,09,743 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 6,02,923 और महिलाओं की संख्या 5,06,820 थी। यहां पर 80 प्रतिशत लोग हिंदू धर्म में और 4 प्रतिशत लोग इस्लाम धर्म में यकीन रखते हैं।
चंद्रपुर सीट कभी कांग्रेस का गढ़ कही जाती थी लेकिन पिछले लंबे वक्त से अब कांग्रेस यहां जीत के लिए तरस रही है। उसके सारे गणित और दांव यहां पर साल 2004 से फेल होते आ रहे हैं जबकि पिछले तीन बार के चुनावों से यहां भाजपा का सिक्का चल रहा है, देखते हैं कि इस बार भी उसका जलवा यहां बरकरार रहता है या फिर इस सीट पर कुछ चौंकाने वाले नतीजों से हमें रूबरू होना पड़ता है।












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