लोकसभा चुनाव 2019: स्वायत्त जिला लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली। आज हम बात करेंगे असम के स्वायत्त जिले की लोकसभा सीट के बारे में जहां से बीरेन सिंह एंगती मौजूदा सांसद हैं। बीरेन सिंह एंगती कांग्रेस पार्टी से आते हैं और पहले भी कई बार इसी सीट से चुनाव जीत चुके हैं और सांसद बन चुके हैं। इस सीट के बारे में आपको बता दें कि यहां की कुल जनसंख्या 11,70,415 है। इनमें से 85.01 फीसदी लोग गांव में निवास करते हैं। जबकि 14.99 फीसदी जनसंख्या ऐसी है जो शहरों में निवास करती है। इसमें 4.21 प्रतिशत अनुसूचित जाति के लोग है जबकि 59.00 फीसदी लोग अनुसूचित जनजाति से आते हैं।

अब इस सीट के राजनीतिक परिदृश्य के बारे में आपको बताते हैं। इस सीट के लिए पहली बार लोकसभा चुनाव 1952 में हुए जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के बोनिली खोंगमेन ने जीत हासिल की। इसके बाद इसी साल चौखामून गोहैन भी सांसद बने। 1962 के लोकसभा चुनाव में जॉर्ज गिल्बर्ट स्वेल ने स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में चुनाव मौदान में उतरे और जीत हासिल की। जॉर्ज गिल्बर्ट स्वेल इस सीट से लगातार तीन बार सांसद रहे। इसके बाद 1977 में हुए चुनाव में एक बार फिर कांग्रेस की वापसी हुई और बीरेन सिंह एंगती की वापसी हुई।
कांग्रेस को मिली है सबसे ज्यादा जीत
1984 का चुनाव भी बीरेन ही जीते। इसके बाद 1991, 1996 और 1998 में जयंत रोंगपी जो कि एएसडीसी पार्टी से थे उन्होंने लगातार चार बार इस सीट से जीत हासिल की। लेकिन 1999 के लोकसभा चुनाव में जयंत भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) मुक्ति पार्टी से चुनाव लड़े और सांसद चुने गए थे। लेकिन पिछले तीन बार 2004, 2009 और 2014 से बीरेन सिंह एंगती सांसद हैं। इन आंकड़ों पर नजर डाले तो यह सीट अधिकतर समय तक कांग्रेस के कब्जे में रही है। बीजेपी दूर-दूर तक नहीं है। इस लोकसभा सीट में वोटरों की कुल संख्या 7,01,890 है। इनमें से 3,58,880 पुरुष मतदाता है जबकि 3,43,010 महिला मतदाता है। इस सीट पर 1984 से लेकर अभी तक कांग्रेस ने 4 बार और एएसडीसी ने 2 बार जीत हासिल की है। इस सीट पर कांग्रेस की स्ट्राइक रेट 67 प्रतिशत है जबकि एएसडीसी की 33 फीसदी है।
सदन में मात्र एक सवाल उठाए
संसद रहते हुए बीरेन सिंह एंगती सदन में मात्र एक सवाल उठाए हैं। जबकि संसद में उनकी उपस्थिति 81 फीसदी रही है। लेकिन उन्होंने एक भी चर्चाओं में हिस्सा नहीं लिया है। अब बात 2014 लोकसभा चुनाव की करे तो 77 फीसदी वोट पड़े थे। जिसमें 5,43,280 वोटरों ने हिस्सा लिया था। इसमें 2,79,409 पुरुष वोटर थे जबकि 2,63,871 महिला वोटर थी। ऐसे में अब देखना है कि इस चुनाव में कांग्रेस किस उम्मीदवार को चुनाव मैदान में उतारती है। लेकिन 2014 के चुनाव में दूसरे नंबर पर बीजेपी ही थी। बीजेपी ने जोयराम एंगलेंग को चुनाव मैदान में उतारा था। जोयराम एंगलेंग को कुल 189,057 वोट मिले थे जबकि कांग्रेस को 213,152 पड़े थे। लेकिन इस चुनाव में बीजेपी भले ही दूसरे स्थान पर रही हो लेकिन वोट प्रतिशत के मामले में उसे लगभग 14 फीसदी का फायदा हुआ था। जबकि कांग्रेस लगभग 2 फीसदी वोट का नुकसान हुआ था। 2014 के चुनाव में इस सीट पर नोटा का भी जमकर उपयोग किया गया था। नोटा को कुल 11,747 वोट पड़े जो कि 2.16 फीसदी होता है।












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