लोकसभा चुनाव 2019: उत्तर गोवा लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: उत्तर गोवा से मौजूदा सांसद भाजपा के श्रीपद येसो नाईक हैं। वो केंद्र में कैबिनेट मंत्री भी है। उन्होंने एनसीपी उम्मीदवार को हराया था। वो साल 2009 और साल 2014 में लगातार यहां से सासंद चुने गये हैं। उत्तर गोवा लोकसभा सीट को पहले पणजी के नाम से जाना जाता था गोवा उत्तर या नॉर्थ गोवा प्राकृतिक रूप से खुबूसरत इलाका है जिसके उत्तर में महाराष्ट्र है तो पूरब में कर्नाटक। दक्षिण में साउथ गोवा है तो पश्चिम में अरब सागर। हर वर्ग मीटर में यहां 1200 लोग मिल जुलकर रहते हैं। अगर 76 फीसदी हिन्दू हैं तो 14 फीसदी ईसाई और 7 फीसदी मुसलमान और बाकी प्रतिशत में दूसरे मजहब के लोग हैं। राजनीति में भी हर वर्ग, धर्म, परम्परा और संस्कृति की झलक देखी जा सकती है। कोंकणी, मराठी, पुर्तगाली, हिन्दी, अंग्रेजी हर भाषा के लोग यहां मिल जाएंगे। यहां तक कि विधानसभा की सीटों के नाम और उम्मीदवार, पार्क से लेकर रेस्टॉरेन्ट तक के नामों में इस खुबसूरत विविधता के दर्शन हो जाते हैं।

उत्तर गोवा लोकसभा सीट का इतिहास
उत्तर गोवा की सीट पर कभी महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी का दबदबा हुआ करता था। एमजीपी ने यहां से 5 बार चुनाव में जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस ने चार बार। उत्तर गोवा में अगर विधानसभा क्षेत्र की बात करें तो यहां बीजेपी के पास 8 विधायक हैं तो कांग्रेस के पास 7. जीएफपी यानी गोवा फॉरवर्ड पार्टी के पास 2 विधानसभा की सीटें हैं और एमएजी यानी महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के पास एक सीट। निर्दलीय उम्मीदवार 2 सीटों पर सफल रहे हैं। बीजेपी के पास जो विधानसभा की सीटें हैं उनमें शामिल हैं कलांगुटे, बिचोलिम, मापुसा, अल्दोना, पणजी, कुम्बरजुआ, मेयम और सैन्क्वेलिम कांग्रेस के पास जो विधानसभा की सीटें हैं उनमें शामिल हैं मान्ड्रेम, तिविम, तलेईगाव, सेंट क्रूज, सेंट एन्ड्रे, पोरिएम, वालपोई। महाराष्ट्रवादी गोमांतक पार्टी के पास पेरनेम की सीट है जबकि गोवा फॉरवर्ड पार्टी के पास सियोलिम और सलीगाव की सीटें हैं। पोरवोरिम और प्रियोल के पास निर्दलीय विधायक हैं।
श्रीपद नाईक का लोकसभा में प्रदर्शन
श्रीपद नाईक ने अपने संसदीय क्षेत्र में सांसद निधि का पूरा उपयोग किया है। महज 51 लाख रुपये उनकी निधि में बाकी हैं। बाकी उन्होंने खर्च किए हैं। ये आंकड़ा दिसम्बर 2018 तक का है। श्रीपद नाईक ने 44 बार संसद के भीतर बहस में हिस्सा लिया। मंत्री होने के वजह से उन्होंने सवालों के जवाब दिए, सवाल पूछने का रिकॉर्ड उनके नाम नहीं है। श्रीपद नाईक उत्तर गोवा के लोकप्रिय सांसद हैं। इसका अंदाजा इसी बात से लग जाता है कि उन्हें 56 फीसदी से ज्यादा वोट मिले थे। विरोधियों के लिए उन्हें हराना मुश्किल काम होगा। उत्तरी गोवा में अगर कांग्रेस और एनसीपी मिलकर चुनाव लड़ती है तो बीजेपी सांसद श्रीपद नाईक को चुनौती तगड़ी मिलेगी, लेकिन क्षेत्र में उनकी पकड़ बहुत मजबूत है इसलिए उन्हें हरा पाना मुश्किल होगा। अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या श्रीपद नाईक 2019 में जीत की हैट्रिक बना सकते हैं।












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