लोकसभा चुनाव 2019- मधुबनी लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: बिहार की मधुबनी लोकसभा सीट से इस वक्त चौधरी हुकुमदेव नारायण यादव सांसद है। जिन्होंने ये सीट साल 2014 चुनाव में RJD के अब्दुल बारी सिद्दीकी को हराकर हासिल की थी। बिहार समेत देश की सियासत में अहम रोल निभाने वाली मधुबनी लोकसभा सीट में हरलाखी,बेनीपट्टी,बिस्फी, मधुबनी विधानसभा क्षेत्र और दरभंगा जिले के केवटी और जाले शामिल हैं।
मधुबनी चित्रकला के लिए विश्व प्रसिद्ध ये शहर मिथिलांचल का अभिन्न अंग है। मधुबनी पेंटिग के अलावा ये जिला मखाना,आम ,लीची, धान, ईख उत्पादन के लिए भी मशहूर है। इस जिले का गठन 1972 में दरभंगा जिले के विभाजन के उपरांत हुआ था। मधुबनी किसान आंदेालन का भी केंद्र रहा है। मधुबनी की मुख्य भाषा मैथिली है जो सुनने में मधुर और सरस है। कहा जाता है कि प्राचीन काल में यहां के वनों में मधु यानी शहद अधिक पाए जाते थे इसलिए जगह का नाम मधु + वनी से मधुबनी हो गया। साल 2011 की जनगणना के अनुसार यहां की जनसंख्या 44 लाख 87 हजार 379 है, जिसमें पुरुषों की संख्या 23 लाख 29 हजार 313 और महिलाओं की संख्या 21 लाख 58 हजार 66 है।

मधुबनी लोकसभा सीट का इतिहास
मधुबनी लोकसभा सीट से 1957 में कांग्रेस के श्याम नारायण मिश्रा जीते थे। साल 1962 में भी यहां कांग्रेस ही जीती थी। 1967 और 1971 दोनों ही चुनावों में यहां पर CPI का कब्जा रहा जबकि 1977 में यहां से जनता पार्टी ने जीत हासिल की। 1980 में यहां कांग्रेस के सफीकुल्लाह अंसारी सांसद बने, हालांकि उनके निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव हुए, जिसमें CPI ने बाजी मार ली। 1989, 1991 और 1996 में यहां सीपीआई का ही राज रहा लेकिन 1998 के चुनाव में कांग्रेस नेता शकील अहमद ने उसके विजय रथ पर ब्रेक लगा दिया। साल 1999 में इस सीट पर भाजपा ने जीत के साथ खाता खोला और चौधरी हुकुमदेव नारायण यादव यहां से सांसद चुने गए, हालांकि साल 2004 के चुनाव में उन्हें कांग्रेस के हाथों शिकस्त मिली लेकिन साल 2009 में उन्होंने अपनी हार का बदला ले लिया और यहां से दोबारा सांसद बने,उनकी जीत का क्रम साल 2014 में भी जारी रहा।
कुमदेव नारायण यादव का लोकसभा में प्रदर्शन
बिहार की सियासत में बड़ा स्थान रखने वाले सांसद हुकुमदेव नारायण यादव को वर्ष 2014 के लिए बेस्ट सांसद पुरस्कार से सम्मानित किया जा चुका है। हुकुमदेव नारायण यादव की 5 सालों के दौरान लोकसभा में उपस्थिति 97 प्रतिशत रही और इस दौरान उन्होंने 37 डिबेट में हिस्सा लिया और 31 प्रश्न पूछे। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर RJD नंबर 2, JDU नंबर 3 पर रही थी, उस साल 16, लाख 27 हजार 969 मतदातागण लिस्ट में थे, जिसमें 8 लाख 60 हजार 453 मतदाताओं ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिसमें पुरुषों की संख्या 4 लाख 13 हजार 878 और महिलाओं की संख्या 4 लाख 46 हजार 575 थी। मधुबनी में 81 प्रतिशत आबादी हिंदुओं की और 18 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिमों की है।
आज राज्य में सियासी समीकरण बदले हुए हैं। NDA के साथ JDU खड़ा है, तो उसके कुछ सहयोगी उसका साथ छोड़कर जा चुके हैं। ऐसे में सवाल ये उठता है कि क्या एक बार फिर से इस सीट पर भाजपा की वापसी होगी, फिलहाल इस उत्तर के लिए हमें चुनावी परिणामों तक का इंतजार करना होगा।












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