लोकसभा चुनाव 2019- झांसी लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: झांसी लोकसभा सीट से भाजपा नेता उमा भारती सांसद हैं, साल 2014 के आम चुनाव में भाजपा ने यहां सपा को हराकर ये सीट अपने नाम की थी। बुंदेलखंड की धरती का यशस्वी इतिहास रहा है, वीरता-त्याग और आत्मम्मान का पर्याय रानी लक्ष्मीबाई की धरती झांसी उत्तर प्रदेश की 80 लोकसभा सीटों में 46वें नंबर की सीट है। इस लोकसभा में उत्तर प्रदेश विधानसभा की पांच सीटें आती हैं, जिनके नाम हैं बबीना, ललितपुर, झांसी नगर, महरौनी और मऊरानीपुर, जिनमें से महरौनी और मऊरानीपुर अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित हैं।

अपने ओरक्षा मंदिर और मेडिकल कॉलेज के लिए मशहूर झांसी की साक्षरता दर जो 65.47% थी, साल 1952 में यहां पहला आम चुनाव हुआ था, तब कांग्रेस के रघुनाथ विनायक धुलेकर ने यहां से जीत दर्ज की थी। 1952 से 1977 तक के पांच आम चुनावों में कांग्रेस ने यहां जीत दर्ज की थी, 1977 में कांग्रेस का विजयी रथ भारतीय लोकदल की सुशीला नायर ने रोका था, 1980 और 1984 दोनों चुनावों में कांग्रेस ने यहां बाजी मारी, 1989 में पहली बार यहां से भाजपा जीती थी और उसके बाद 1998 तक के चुनावों में बीजेपी ही जीतते आई और राजेंद्र अग्निहोत्री यहां से चार बार एमपी चुने गए लेकिन 1999 के चुनावों में उन्हें कांग्रेस के हाथों पराजय मिली। 2004 में समाजवादी पार्टी इस सीट पर पहली बार जीती, 2009 में प्रदीप जैन आदित्य ने जीत दर्ज करके झांसी की सीट पर कांग्रेस की वापसी करवाई लेकिन साल 2014 में भाजपा की फायर ब्रांड नेता उमा भारती ने उन्हें हरा दिया।
अपने बयानों की वजह से हमेशा चर्चा में रहने वाली उमा भारती ने सपा को इस सीट पर 190467 मतों से पराजित किया था। यूपी के चर्चित शहरों में से एक झांसी की 91 प्रतिशत आबादी हिंदू और 7 प्रतिशत जनसंख्या मुस्लिम है, साल 2014 के चुनाव में 1932052 वोटरों ने हिस्सा लिया था, जिसमें 53 प्रतिशत पुरुष और 46 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं, उस साल यहां पर नंबर 2 पर सपा, नंबर 3 पर बसपा और नंबर 4 पर कांग्रेस थी।












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