लोकसभा चुनाव 2019- झंझारपुर लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: बिहार की झंझारपुर लोकसभा सीट से इस वक्त भाजपा के बीरेन्द्र कुमार चौधरी सांसद हैं, साल 2014 के चुनाव में ये सीट भाजपा ने राजद को 55 हजार 408 वोटों से हराकर अपने नाम की थी। बहुत सारी नैसर्गिक सुदंरता को समेटे झंझारपुर बिहार प्रांत के मधुबनी जिले का एक अनुमंडल है। बिहार के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्टर जगन्नाथ मिश्र इसी सीट से 5 बार विधायक चुने गए थे और इसी वजह से ये जगह 'सीएम के गांव' के नाम से भी जानी जाती थी, बताते चलें कि डॉक्टर जगन्नाथ मिश्र राज्य के तीन बार मुख्यमंत्री रहे हैं।

झंझारपुर लोकसभा में 6 विधानसभा सीटें
झंझा अर्थात वर्षा का बेग और पुर अर्थात नदी की धार , शब्दों से बना झंझारपुर कांस्य के वर्तन बनाने के लिए मशहूर है, इस लोकसभा क्षेत्र के अंतरगत 6 विधानसभाएं आती हैं, जिनके नाम हैं खजौली, बाबूबरही, राजनगर, झंझारपुर, फुलपरास और लौकहा। साल 1972 में यहां पहला आम चुनाव हुआ था, जिसमें कांग्रेस नेता पंडित जगन्नाथ मिश्र यहां से सांसद चुने गए थे, 1980 में यहां पर जनता पार्टी सेक्यूलर विजयी हुई और धनिक लाल मंडल यहां से एमपी चुने गए। 1984 के चुनाव में यहां जनता दल ने बाजी मारी और देवेंद्र प्रसाद यादव यहां के सांसद रहे, इसके बाद भी वो दो बार 1991 और 1996 में भी यहां से एमपी रहे, साल 1998 में यहां राजद ने जीत के साथ अपना खोला और सुरेंद्र प्रसाद यादव यहां के सांसद बने, साल 1999 के चुनाव में भी यहां से देवेंद्र प्रसाद यादव जीते लेकिन इस बार वो राष्ट्रीय जनता दल के टिकट पर यहां से विजयी हुए थे, साल 2004 के चुनाव में भी ये सीट राजद के ही नाम रही लेकिन साल 2009 के चुनाव में इस सीट पर जनता दल ( यूनाइटेड) का कब्जा हो गया लेकिन साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर भगवा झंडा फहराया और भाजपा नेता बीरेन्द्र कुमार चौधरी यहां से एमपी बने।
बीरेन्द्र कुमार चौधरी का लोकसभा में प्रदर्शन
भाजपा नेता बीरेन्द्र कुमार चौधरी की पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में उनकी उपस्थिति 97 प्रतिशत रही है और इस दौरान उन्होंने 38 डिबेट में हिस्सा लिया है और 33 प्रश्व पूछे हैं, आपको बता दें ये रिकार्ड दिसंबर 2018 तक का है। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर RJD,नंबर 3 JDUऔर नंबर 4 पर IND रही थी। उस साल यहां मतदाताओं की संख्या 16 लाख 50 हजार 753 थी, जिसमें से मात्र 9 लाख 41 हजार 249 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया था, जिनमें से पुरुषों की संख्या 4 लाख 52 हजार 082 है तो वहीं महिलाओं की संख्या 4 लाख 89 हजार 167 है।
इस बार यहां से बीजेपी की जीत इस बात पर निर्भर करेगी कि यहां की जनता कितना यहां के सांसद और भाजपा से संतुष्ट है। वैसे आज यहां के सियासी समीकरण भी बदल चुके हैं, इस बार NDA में जेडीयू शामिल हैं, ऐसे में देखते हैं इस बार इस सीट पर भाजपा की वापसी होती है या फिर राजद की जीत, कहना गलत ना होगा इस बार की लड़ाई काफी रोमांचक है।












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