लोकसभा चुनाव 2019: धुले लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: महाराष्ट्र के धुले लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा के डॉ सुभाष रामराव भामरे हैं। उन्होंने साल 2014 के लोकसभा चुनाव में यहां पर कांग्रेस नेता अमरिश पटेल को 13,07, 23 वोटों से हराया है। साल 2014 के चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर कांग्रेस और नंबर 3 पर बसपा थी। उस साल यहां पर कुल मतदाताओं की संख्या 16 लाख 74 हजार 469 थी, जिसमें से मात्र 9 लाख 83 हजार 83 लोगों ने अपने मतों का प्रयोग किया। इनमें पुरुषों की संख्या 5 लाख 43 हजार 252 और महिलाओ की संख्या 4 लाख 39 हजार 831 थी। धुले में 89 प्रतिशत लोग हिंदू धर्म में और 9 प्रतिशत इस्लाम धर्म में यकीन रखते हैं।

धुले लोकसभा सीट का इतिहास
भाजपा के गढ़ कहे जाने वाले धुले लोकसभा सीट पर सबसे पहला आम चुनाव 1957 में हुआ था, जिसे भारतीय जनसंघ ने जीता था, इसके बाद 1962 का चुनाव यहां कांग्रेस ने जीता और चूड़ामड़ पाटिल यहां से सांसद चुने गए और वो यहां साल 1971 तक यहां से निर्वाचित हुए जबकि कांग्रेस का राज यहां साल 1991 तक रहा है, उसके विजय रथ को भारतीय जनता पार्टी ने 1996 में रोका और उसके बाद से अब तक यहां केवल भाजपा की राज रहा है और कांग्रेस यहां जीत के लिए तरस गई है। धुले शहर को पहले 'धुलिया' कहा जाता था। प्रारंभिक मुस्लिम काल में यह फारुक़ियों के नियंत्रण में था, लेकिन बाद में 1601 में यह मुग़ल साम्राज्य का हिस्सा बन गया। 18वीं सदी में मराठों ने इसे जीता और 1818 में यह मुंबई प्रेज़िडेंसी में शामिल हो गया, इस जिले की आबादी 24,20,626 है, जिसमें से 54 प्रतिशत आबादी गांवों में रहती है और 45 प्रतिशत शहरों में।
डॉ सुभाष रामराव भामरे का लोकसभा में प्रदर्शन
धुले लोकसभा सीट के मौजूदा सांसद डॉ सुभाष रामराव भामरे को मोदी कैबिनेट में भी जगह मिली है। वो कैंसर रोग विशेषज्ञ हैं और इस गंभीर बीमारी के प्रति लोगों को जागरूक करने का काम लंबे अरसे से करते चले आ रहे हैं। दिसंबर 2018 की रिपोर्ट के मुताबिक डॉ सुभाष रामराव भामरे की पिछले 5 सालों के दौरान लोकसभा में उपस्थिति 77 प्रतिशत रही है और इस दौरान उन्होंने 9 डिबेट में हिस्सा लिया है और 218 प्रश्न पूछे हैं।
धुले शहर की सीट पाने के लिए कांग्रेस लंबे वक्त से प्रयास कर रही है लेकिन उसे आशातीत सफलता नहीं मिल पा रही है जबकि बीजेपी के लिए ये सीट घर बन गई है लेकिन इस वक्त देश में सियासी समीकरण बदले हुए हैं, तीन बड़े राज्यों के विधानसभा चुनावों में भाजपा को हार का मुंह देखना पड़ा है, ऐसे में क्या बीजेपी के लिए महाराष्ट्र में भी मुश्किलें पैदा हो सकती हैं ये एक बड़ा सवाल है, हालांकि राज्य में भाजपा-शिवसेना की गठबंधन की सरकार है लेकिन तीन राज्यों में कांग्रेस की वापसी होने से वो आत्मविश्वास से भरी हुई है और दावा कर रही है कि उसका जादू देश के अन्य राज्यों मे भी चलेगा, खैर उसके दावों में कितनी सच्चाई है, यह तो चुनावी नतीजे बताएंगे लेकिन इसमें कोई शक नहीं कि इस बार चुनावी जंग काफी दिलचस्प होने वाली है और धुले लोकसभा सीट भी इससे अछूती नहीं है।












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