लोकसभा चुनाव 2019- चंदौली लोकसभा सीट के बारे में जानिए
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की चंदौली लोकसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी के दिग्गज नेता महेन्द्रनाथ पाण्डेय सांसद है। साल 2014 में ये सीट भाजपा ने बसपा के कद्दावर नेता अनिल वर्मा को हराकर अपने नाम की थी। पूर्वांचल की महत्वपूर्ण सीटों में से एक चंदौली अघोरियों के गुरु बाबा कीनाराम की जन्मभूमि है, ये जिला पहली बार 20 मई 1997 में अस्तित्त्व में आया मगर 2004 में इसे मायावती सरकार ने वापस वाराणसी में मिला दिया, सरकार के इस फैसले को कोर्ट में चुनौती दी गई और 17 जून 2004 को इसे दोबारा जिले के रूप में पहचान मिली। 2011 की जनगणना के मुताबिक चंदौली की जनसंख्या 23,95,115 लाख है जिनमें पुरुषों की संख्या 10,17,905 लाख और महिलाओं की संख्या 9,34,597 लाख है, यहां की औसत साक्षरता दर 60.15% है।

चंदौली लोकसभा सीट का इतिहास
चंदौली लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र में यूपी विधानसभा की पांच सीटें आती हैं, जिनके नाम मुग़लसराय, अजगरा, सकलडीहा, शिवपुर और सैयदरज़ा हैं। इसमें से अजगरा की सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है। पहली बार यहां 1957 में चुनाव हुए जिसे कि कांग्रेस ने जीता था, 1959 में उपचुनाव हुए जिसमें सोशलिस्ट पार्टी को सफलता मिली। साल 1977 में भारतीय लोकदल और और 1980 में निहाल सिंह ने चंदौली में जनता पार्टी की जीत का खाता खोला। 1984 में कांग्रेस, 1989 में जनता दल को यहां सफलता मिली। 1991 में पहली बार यहां बीजेपी ने खाता खोला और 1998 तक उसी का वर्चस्व यहां रहा, उसके विजय रथ को सपा ने साल 1999 में रोका, साल 2004 के चुनाव में ये सीट बसपा के खाते में आ गई लेकिन साल 2009 में एक बार फिर यहां साइकिल दौड़ी लेकिन साल 2014 में यहां भाजपा ने बाजी मारी और महेन्द्रनाथ पाण्डेय एमपी चुने गए।
महेन्द्रनाथ पाण्डेय का लोकसभा में प्रदर्शन
पिछले पांच सालों के दौरान महेन्द्रनाथ पाण्डेय की लोकसभा में उपस्थिति 83 प्रतिशत रही और इस दौरान उन्होंने 51 डिबेट में हिस्सा लिया और 60 प्रश्न पूछे। सांसद महेन्द्रनाथ पाण्डेय स्वास्थ्य और परिवार कल्याण सम्बन्धी मामलों की स्थाई समिति के सदस्य भी हैं। साल 2014 के आम चुनाव में इस सीट पर नंबर 2 पर बसपा, नंबर 3 पर सपा और नंबर 4 पर कांग्रेस थी। साल 2014 के चुनाव में यहां पर 1593133 मतदाताओं ने भाग लिया था, जिसमें 55 प्रतिशत पुरुष और 44 प्रतिशत महिलाएं शामिल थीं।
चंदौली में 88 प्रतिशत आबादी हिंदुओं की और 11 प्रतिशत मुस्लिमों की है, महेन्द्रनाथ पाण्डेय, यूपी भाजपा के अध्यक्ष भी हैं। बीजेपी की पुरजोर कोशिश इस सीट को वापस जीतने की होगी वहीं दूसरी ओर विरोधी दल यहां जीतने के लिए हर संभव कोशिश करेंगे लेकिन इस खेल में बाजी उसी के हाथ लगेगी जिसे जनता का प्यार और साथ मिलेगा और वो किसके साथ है, ये तो चुनाव परिणाम बताएगा।












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