लोकसभा चुनाव 2019: बिजनौर लोकसभा सीट के बारे में जानिए
उत्तर प्रदेश की बिजनौर लोकसभा सीट से मौजूदा सांसद भाजपा के कुंवर भारतेन्दु सिंह हैं। भारतेन्दु सिंह ने समाजवादी पार्टी के शाहनवाज को साल 2014 के लोकसभा चुनाव में 2 लाख से अधिक वोटों से हराया था। इस चुनाव में सपा यहां दूसरे , बसपा तीसरे नंबर और रालोद चौथे नंबर पर रही थी। इससे पहले इस सीट पर सपा का कब्जा था। इस सीट पर भाजपा ने 18 साल बाद कब्जा किया था।

बिजनौर लोकसभा सीट का इतिहास
बिजनौर उत्तर प्रदेश का चौथा निर्वाचन क्षेत्र है। साल 1952 में पहली बार हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के स्वामी रामानंद शास्त्री बिजनौर से पहले सांसद चुने गए थे। इसके बाद कांग्रेस ने इस सीट से पांच बार लगातार जीत हासिल की। 1977 में जनता पार्टी ने कांग्रेस से ये सीट छीन ली। 1980 में भारतीय पार्टी की स्थापना के बाद मंगल राम प्रेमी यहां से सांसद बने। 1989 में बहुजन पार्टी की तरफ से मायावती से यहां से चुनाव लड़ा और सांसद चुनी गईं। 1988 में समाजवादी पार्टी की ओमवती देवी यहां से सांसद चुनी गईं। 1999 में भाजपा ने सपा को इस सीट पर मात दी और शीश राम सिंह देवी सांसद बनी। इसके बाद राष्ट्रीय लोक दल ने लगातार दो बार इस सीट पर कब्जा किया। आरएलडी की तरफ से 2004 में मुंशीराम और 2009 में
संजय सिंह चौहान को सांसद चुना गया।
कुंवर भारतेन्दु सिंह
कुंवर भारतेन्दु सिंह शाही खानदान से आते हैं। इनका नाम मुज़फ्फरनगर दंगो के आरोपियों में था। भारतेन्दु सिंह की सदन में उपस्थिति 90 प्रतिशत रही। उन्होंने सदन में 20 डिबेट में हिस्सा लिया। उन्होंने लोकसभा में कुल 208 प्रश्न पूछे।
बिजनौर एक परिचय: प्रमुख बातें
बिजनौर का सम्बन्ध महाभारत से रहा है
अकबर के शासन काल में बिजनौर मुग़ल साम्राज्य का हिस्सा था
बिजनौर को किसानों की धरती कहा जाता है
बिजनौर में 51 प्रतिशत आबादी हिंदू और 41 प्रतिशत आबादी मुस्लिम है
2014 के चुनाव में 1562081 लोगों ने मतदान किया
मतदान में 54 प्रतिशत पुरुष और 45 प्रतिशत महिलाओं ने भागेदारी की
भाजपा ने सपा को 19 प्रतिशत वोटों के अंतर से हराया
सपा-बसपा के गठबंधन से इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प हो गया है।












Click it and Unblock the Notifications