देश में तीन गुना बढ़ा रेमडेसिविर का उत्पादन, अब 1 करोड़ से अधिक हर महीने बन रहे हैं इंजेक्शन
नई दिल्ली, मई 4। देश में कोरोना संकट के बीच ऑक्सीजन, रेमडेसिविर इंजेक्शन और आईसीयू बेड की किल्लत सबसे ज्यादा देखने को मिल रही है। ऐसे में व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए सभी राज्य सरकारों के साथ-साथ केंद्र सरकार भी युद्ध स्तर पर तैयारी कर रही है। इस बीच देश में रेमडेसिविर इंजेक्शन का उत्पादन लगभग तीन गुना बढ़ा दिया गया है। मंगलवार को केंद्रीय मंत्री मनसुख मंडाविया ने बताया कि देश में इस वक्त रेमडेसिविर का उत्पादन प्रतिमाह 1.05 करोड़ शीशी को भी पार कर गया है, जो 12 अप्रैल को 37 लाख शीशी थी। ऐसे में ये बढ़ोतरी तीन गुना है।

मलेरिया की दवा है रेमडेसिविर
आपको बता दें कि रेमडेसिविर एक मलेरिया की दवा है। इसका इस्तेमाल कोरोना संक्रमित मरीजों को आराम पहुंचाने के लिए किया जा रहा है। इस इंजेक्शन का कोरोना के लक्षण वाले मरीज पर सकारात्मक असर होता है। केंद्रीय मंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कोरोना के खिलाफ हमारी लड़ाई जारी है, हम बहुत जल्द देश में रेमडेसिविर का उत्पादन उस क्षमता में करने लगेंगे, जिससे कि मांग पूरी होने लगेंगी।
सरकार ने रेमडेसिविर से हटाया जीएसटी
आपको बता दें कि केंद्र सरकार इस इंजेक्शन की किल्लत को लगातार दूर करने के प्रयास कर रही है, इसलिए उत्पादन के साथ-साथ सरकार इसकी कीतमों पर भी ध्यान दे रही है। केंद्र सरकार ने हाल ही में रेमडेसिविर और वैक्सीन समेत कई चिकित्सीय साम्रगियों पर से जीएसटी हटाने का ऐलान किया था।
आपको बता दें कि देश के अंदर इस इंजेक्शन की भारी किल्लत है। साथी रेमडेसिविर इंजेक्शन की ब्लैक मार्केटिंग की भी खबरें सामने आ रही हैं, जिसकी वजह से हजारों मरीजों के परिजन परेशान हो रहे हैं। इस इंजेक्शन की ब्लैकमार्केटिंग को लेकर कई लोगों की गिरफ्तारियां भी हुई हैं।












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