लोकपाल नियुक्ति मामले में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को ये बताया
न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज की ओर दायर अवमानना याचिका की सुनवाई कर रही थी
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट को बताया कि लोकपाल की नियुक्ति के लिए चयन समिति में न्यायविद् के रिक्त पद को भरने की प्रक्रिया जारी है। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ को सूचित किया कि पैनल में एक न्यायविद् को शामिल करने की सिफारिश की जा चुकी है और इसकी प्रक्रिया जारी है। वहीं पीठ ने कहा कि उसे इस चरण में कोई आदेश पारित करने की जरूरत महसूस नहीं हो रही है। पीठ ने उम्मीद जताई कि लोकपाल को नियुक्त करने की प्रक्रिया जल्द से जल्द पूरी की जाएगी। पीठ ने मामले पर सुनवाई की अगली तारीख 15 मई तय की है।

न्यायमूर्ति रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ गैर सरकारी संगठन कॉमन कॉज की ओर दायर अवमानना याचिका की सुनवाई कर रही थी। संगठन ने कहा था कि शीर्ष अदालत के पिछले वर्ष 27 अप्रैल के आदेश के बावजूद लोकपाल की नियुक्ति नहीं की जा रही है। शीर्ष अदालत ने अपने पिछले वर्ष के फैसले में कहा था कि प्रस्तावित संशोधनों को संसद से मंजूरी मिलने तक लोकपाल अधिनियम को लागू करने से रोकने के पीछे कोई तर्क नहीं है। इन प्रस्तावों में लोकसभा में विपक्ष के नेता का मुद्दा भी शामिल है।
गौरतलब है कि लोकपाल और लोकायुक्त कानून साल 2013 में दोनों सदनों (लोकसभा व राज्यसभा) की सहमति से पास हुआ था। चुने हुए लोकपाल को देश के शीर्ष अधिकारियों समेत प्रधानमंत्री और केंद्रीय मंत्रिमंडल के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच करने का अधिकार होगा।












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