J&K में आतंकी की अंतिम यात्रा में हजारों लोग उतरे सड़क पर, ISIS के समर्थन में लगे नारे
घाटी में एक बार फिर से आतंकी को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। पंपोर के श्रीनगर-गुलमर्ग रोड पर आतंकी को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग इकट्ठा हुए।

श्रीनगर। घाटी में एक बार फिर से आतंकी को अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए। पंपोर के श्रीनगर-गुलमर्ग रोड पर आतंकी को अंतिम विदाई देने के लिए हजारों लोग इकट्ठा हुए। लोगों ने इस दौरान हुर्रियत के खिलाफ जमकर नारेबाजी की, साथ ही इन लोगों ने आईएसआईएसव जाकिर मूसा के समर्थन में नारे लगाए। आतंकी को सेना के जवानों ने मुठभेड़ में मार गिराया था।
आतंकी अंतिम यात्रा में लोगों ने ना हुर्रित वाली शरीयत, ना हुर्रियत वाली आजादी, कश्मीर बनेगा दारुल इस्लाम। दारुल इस्लाम यानि इस्लाम देश। आपको बता दें कि सेना के जवानों ने तहरीक ए मुजाहिदीन के आतंकी मुगीस अहमद मीर को मार गिराया था, जिसे अंतिम विदाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हुए थे।
मुगीश खान को जुकुरा के बाहरी इलाके में जोकि श्रीनगर में आता है में सेना ने मार गिराया था।
मुगीश के शव को इस्लामिक स्टेट के झंडे से लपेटा गया था, उसके ताबूत के पीछे हजारों लोग चल रहे थे। इन सब के बीच जम्मू कश्मीर की पुलिस ने इस बात से इनकार किया है कि कश्मीर में आईएस का किसी भी तरह का कोई प्रभाव है, साथ ही यहां जाकिर मूसा का भी कोई प्रभाव नहीं है। जाकिर मूसा को बुरहान वानी की मौत के बाद हिजबुल मुजाहिदीन का कमांडर बनाया गया था, जिसे 2016 में सेना के जवानों ने मार गिराया था। कश्मीर के आईजी मुनीर खान ने कहा कि हम अभी इस बात की जांच कर रहे हैं कि घाटी में किस स्तर तक आईएस का आतंकियों के उपर प्रभाव है।












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