Priyanka Gandhi: 2004 में मां सोनिया गांधी की बनीं मैनेजर, अब खुद के लिए वायनाड में वोट मांगेंगी प्रियंका
Priyanka Gandhi: कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी तकरीबन दो दशक से अधिक समय से राजनीति में हैं, लेकिन उन्होंने कभी भी खुद कोई चुनाव नहीं लड़ा। लेकिन अब वो आखिरकार केरल की वायनाड लोकसभा सीट से पहली बार चुनावी मैदान में उतरने जा रही हैं।
दरअसल राहुल गांधी ने वायनाड के साथ रायबरेली की सीट पर भी जीत दर्ज की थी। लेकिन अब राहुल गांधी ने वायनाड की सीट से इस्तीफा देने का फैसला लिया है। साथ ही कांग्रेस पार्टी की ओर से ऐलान किया गया है कि प्रियंका गांधी वायनाड के उपचुनाव में पार्टी की उम्मीदवार होंगी।

प्रियंका गांधी सक्रिय रूप से उत्तर प्रदेश की राजनीति में पार्टी के लिए काम करती आई हैं। पिछले कई चुनाव में रायबरेली हो या अमेठी उन्होंने पार्टी के लिए प्रचार किया।
अमेठी और रायबरेली दोनों ही लोकसभा सीट पर उन्होंने अपने भाई राहुल गांधी और मां सोनिया गांधी के लिए चुनाव प्रचार किया और लोगों से वोट अपील की। लेकिन अब वह पहली बार वायनाड की जनता से खुद के लिए वोट अपील करेंगी।
पहली बार 2019 में संभाली जिम्मेदारी
प्रियंका गांधी को 2019 में कांग्रेस पार्टी की महासचिव बनीं, उसके बाद अब जाकर वह पहली बार चुनावी मैदान में ताल ठोकने की तैयारी कर रही हैं। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने इसका ऐलान करते हुए कहा कि प्रियंका वायनाड से चुनाव लड़ेंगी।
सुर्खियों से रहीं दूर
प्रियंका गांधी ने कई वर्षों तक तक खुद को सुर्खियों से दूर रखा। वह अपने परिवार की पारंपरिक सीट अमेठी और रायबरेली के लिए लगातार काम करती रहीं। पिछले कुछ वर्षों में प्रियंका गांधी ने पार्टी के लिए देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रचार किया और पार्टी की रणनीति बनाने में भूमिका निभाई।
संसद में हो सकेत हैं गांधी परिवार के 3 सदस्य
अगर प्रियंका गांधी वायनाड से चुनाव जीत जाती हैं तो नेहरू-गांधी परिवार के तीन सदस्य संसद में पहुंच जाएंगे। सोनिया गांधी राज्यसभा सांसद हैं तो राहुल गांधी रायबरेली से सांसद हैं। ऐसे में प्रियंका गांधी भी वायनाड से चुनाव जीतकर संसद पहुंच सकती हैं।
उत्तर प्रदेश में 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रियंका गांधी ने काफी सक्रिय रूप से पार्टी के लिए प्रचार किया। उन्होंने लड़की हूं लड़ सकती हूं का नारा दिया। हालांकि पार्टी को विधानसभा चुनाव में अच्छे नतीजे नहीं मिले लेकिन लोकसभा चुनाव में पार्टी को काफी फायदा हुआ है। इस बार लोकसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी ने 99 सीटों पर जीत दर्ज की है।
खडगे ने किया नाम का ऐलान
जब मल्लिकार्जुन खड़गे ने प्रियंका गांधी के नाम का ऐलान किया और कहा कि वह वायनाड से चुनाव लड़ेंगी तो प्रियंका ने कहा वायनाड के लिए मैं कड़ी मेहनत करूंगी। रायबरेली और अमेठी के लिए मैंने 20 साल काम किया है। हम दोनों रायबरेली और वायनाड दोनों में मौजूद रहेंगे।
2004 में थी मां की कैंपेन मैनेजर
प्रियंका गांधी ने पहली बार 2004 के लोकसभा चुनाव में जनता के साथ सीधा संवाद किया था। वह रायबरेली में अपनी मां सोनिया गांधी की चुनाव अभियान की मैनेजर थीं, इसके साथ ही उन्होंने अमेठी में अपने भाई राहुल गांधी को भी चुनाव अभियान के दौरान मदद की।
अमेठी-रायबरेली में किया काम
वर्ष 2007 में यूपी विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी ने पूरे उत्तर प्रदेश में चुनाव प्रचार किया। लेकिन प्रियंका गांधी ने रायबरेली और अमेठी की 10 विधानसभा सीटों पर ही अपना ध्यान केंद्रित किया।
हालांकि 2019 से पहले प्रियंका ने बिना किसी पद के पार्टी के लिए काम किया। लेकिन 2019 में उन्होंने सक्रिय तौर पर राजनीति में कदम रखा और पार्टी की महासचिव का पद संभाला। इसके बाद उन्हें 11 सितंबर 2020 को यूपी चुनाव अभियान का प्रभार दिया गया।
यूपी में 2022 के विधानसभा चुनाव में प्रियंका ने सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने बाराबंकी से पार्टी का प्रचार अभियान शुरू किया। यूपी में कांग्रेस पार्टी का घोषणा पत्र लॉन्च किया।
इस दौरान उनके साथ राहुल भी मौजूद थे। उन्होंने मुख्य रूप से महिला सशक्तिकरण पर जोर दिया और 40 फीसदी टिकट का बंटवारा महिलाओं को देने का वादा किया।












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