PM के नए घर पर 13 हजार करोड़ खर्च करने के बजाए लोगों की जान बचाने पर ध्यान दे सरकार: प्रियंका गांधी
नई दिल्ली, मई 04: कोरोना की दूसरी लहर के बीच मोदी सरकार के महत्वाकांक्षी सेंट्र्ल विस्टा प्रोजेक्ट को आवश्यक सेवाओं के तहत रखा है। पर्यावरण मंत्रालय ने भी निर्माण को लेकर सारी मंजूरी दे दी है। लॉकडाउन की पाबंदियों के दौरान भी इसका काम जारी है। विपक्षी दलों के नेता इसका कड़ा विरोध कर रहे हैं। कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने इस मामले में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा है। प्रियंका ने सेंट्रल विस्टा प्रॉजेक्ट पर बात करते हुए कहा कि करोड़ों रुपये खर्च कर पीएम मोदी के लिए नया घर बनाने के बजाए अगर ये पैसा मरीजों पर खर्च किया जाए तो ना जाने कितनी जाने बच जाएंगी।
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प्रियंका गांधी ने सेंट्रल विस्टा को लेकर मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश कोरोना से जूझ रहा है। अस्पतालों में बेड नहीं हैं, ऑक्सीजन की भारी कमी है, दवाएं और वैक्सीन लोगों को समय पर नहीं मिल पा रही और ऐसे में सरकार इन बातों पर ध्यान देने की बजाय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नए घर को बनाने में करोड़ों रुपये खर्च कर रही है। प्रियंका ने ट्वीट किया, ''जब देश के लोग ऑक्सीजन, वैक्सीन, हॉस्पिटल बेड, दवाओं की कमी से जूझ रहे हैं तब सरकार 13000 करोड़ से पीएम का नया घर बनवाने की बजाए सारे संसाधन लोगों की जान बचाने के काम में डाले तो बेहतर होगा। इस तरह के खर्चों से पब्लिक को मैसेज जाता है कि सरकार की प्राथमिकताएं किसी और दिशा में हैं।''
प्रोजेक्ट में 13 हजार 450 करोड़ रुपये होंगे खर्च
सेट्रल विस्टा 2022 दिसंबर तक बनकर तैयार होना है। इस पूरे प्रोजेक्ट में 13 हजार 450 करोड़ रुपये खर्च होंगे। कोंग्रेस लगातार कोरोना से देश में बने हालात को लेकर बीजेपी समेत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधता रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी एक बयान जारी करते हुए कहा कि देश में कोरोना से बने हालात चिंताजनक हैं और अब बहुत जरूरी है कि देशभर में लॉकडाउन की घोषणा की जाए। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि उनका समय रहते ठोस कदम ना उठाना कई लोगों की जान ले रहा है।
बता दें, इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक राजपथ के दोनों तरफ के इलाके को सेंट्रल विस्टा कहते हैं। इस पूरे इलाके की लंबाई तीन किलोमीटर के करीब है। राष्ट्रपति भवन, नॉर्थ ब्लॉक और साउथ ब्लॉक, संसद भवन, रेल भवन, कृषि भवन, निर्माण भवन, रक्षा भवन के अलावा नेशनल म्यूजियम, नेशनल आर्काइव, इंदिरा गांधी नेशनल सेंटर फॉर आर्ट्स, उद्योग भवन, बीकानेर हाउस, हैदराबाद हाउस और जवाहर भवन सेंट्रल विस्टा का हिस्सा हैं। इनमें से ज्यादातर इमारतें 1931 से पहले की बनी हैं। 2019 में मिनिस्ट्री ऑफ हाउसिंग एंड अर्बन अफेयर्स प्रस्ताव लेकर आया, इसमें कहा गया कि जगह की कमी पड़ रही है। कई ऑफिस लगभग 100 साल पुराने हैं और कर्मचारी बढ़ते जा रहे हैं।












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