Wayanad Bypoll: क्या प्रियंका की जीत के लिए वन्यजीवों की जान जोखिम में डालेगी कर्नाटक सरकार?
Wayanad Lok Sabha Byelection 2024: कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा केरल की वायनाड सीट से पहली बार चुनावी किस्मत आजमा रही हैं। चुनाव प्रचार के दौरान वायनाड के स्थानीय लोगों की ओर से उनके सामने एक मांग प्रमुखता से रखी गई है। कर्नाटक में बांदीपुर टाइगर रिजर्व में रात में यातयात पर लगी पाबंदी हटाने की मांग। बात प्रियंका वाड्रा की है, इसलिए कर्नाटक सरकार को भी वाडनाड के वोटरों को इस मांग पर गंभीरता से विचार करने का भरोसा देना पड़ा है।
वायनाड के लोगों को यकीन है कि सिर्फ गांधी परिवार के पास ही वह राजनीतिक हैसियत है, जो कर्नाटक की कांग्रेस सरकार को उनके हक में फैसला लेने के लिए झुका सकते हैं। यही वजह है कि उन्होंने प्रियंका और उनके भाई और इस सीट के पूर्व सांसद राहुल गांधी तक को अपनी शर्त ताल ठोककर बता दी है।

बांदीपुर टाइगर रिजर्व में रात्रि यातायात से पाबंदी हटेगी?
इसका प्रभाव तब देखने को मिला, जब शनिवार को कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार प्रियंका के प्रचार के लिए वायनाड पहुंचे और उन्होंने स्थानीय मतदाताओं से उनकी मांग पर विचार करने का वादा भी कर डाला।
वायनाड के वोटरों को कर्नाटक सरकार ने दिया भरोसा
उन्होंने कहा कि वाड्रा ने इस मामले में मुख्यमंत्री सिद्दारमैया और खुद उनके साथ भी चर्चा की है और रात के समय 9 घंटे के यातायात प्रतिबंध से राहत देने का मुद्दा उठाया है। आखिरकार शिवकुमार को अपने भाषण में यह आश्वासन देना पड़ा कि 13 नवंबर के उपचुनाव के बाद इसको लेकर कर्नाटक और केरल दोनों के अधिकारियों की बैठक होगी और इसपर विचार किया जाएगा।
लोकसभा चुनावों से पहले भी ऐसा संकेत देकर पीछे हटी थी कर्नाटक सरकार
वायनाड लोकसभा क्षेत्र के कुछ इलाके बांदीपुर टाइगर रिजर्व से सटे हैं, जहां वन्यजीवों की रक्षा और पर्यावरण संरक्षण के मद्देनजर रात के समय यातायात पर करीब डेढ़ दशक से पाबंदी लगी हुई है। इस साल की शुरुआत में इस संबंध में केरल सरकार के एक अनुरोध पर कर्नाटक के वन मंत्री ईश्वर खंड्रे ने शुरू में पाबंदी में राहत देने का संकेत जरूर दिया था।
लेकिन, बाद में उनकी ओर से साफ कर दिया गया कि कर्नाटक-केरल की सीमा पर वायनाड-बांदीपुर टाइगर रिजर्व से रात 9 बजे से लेकर सुबह 6 बजे तक यातायात पर रोक जारी रहेगी और इसमें किसी तरह की राहत नहीं दी जाएगी। केरल सरकार ने रात के समय आपातकाली वाहनों के लिए इस तरह का अनुरोध किया था।
बांदीपुर टाइगर रिजर्व में रात्रि यातायात पर क्यों लगा था प्रतिबंध?
दरअसल, कर्नाटक के वन मंत्री को अपने कदम तब पीछे खींचने पड़ गए, जब सोशल मीडिया पर #SaveBandipura व्यापक रूप से ट्रेंड करने लगा। बांदीपुर टाइगर रिजर्व से रात में यातायात पर प्रतिबंध 2009 में लगाया गया था।
कई लुप्तप्राय प्रजातियों की मौत के बाद उठाना पड़ा था कदम
यह कदम तब उठाया गया था, जब 2004 से 2007 के बीच तेज रफ्तार वाहनों से 215 जंगली जीवों की मौतों के मामले में सुनवाई चल रही थी। इन वन्यजीवों में एशियाई बाघ और हाथी जैसी लुप्तप्राय प्रजातियां भी शामिल थीं।
पर्यावरणविद भी करते रहे हैं पाबंदी हटाने का विरोध
पर्यावरणविदों का तर्क है कि रात के समय यातायात में छूट देने या रेलवे लाइन बनाने या एलिवेटेड कॉरिडोर बनाए जाने से वन्यजीवों का जीवन बहुत ज्यादा प्रभावित होगा, दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ेगा और साथ ही साथ जंगली वनस्पतियों और अन्य जीव-जंतुओं को भारी नुकसान होगा।
कई वन्यजीव प्रेमियों की ओर से हस्ताक्षरित एक ऑनलाइन याचिका में कहा गया था कि 'बांदीपुर टाइगर रिजर्व का अस्तित्व खतरे में है...रात में यातायात प्रतिबंध में किसी भी प्रकार की ढील और रिजर्व से होकर रेलवे लाइन के निर्माण से नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र को होने वाले नुकसान की भरपाई नहीं हो सकेगी, वन्यजीव गलियारे बाधित होंगे, साथ ही साथ मानव-वन्यजीव संघर्ष में बढ़ोतरी होगी।'












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