अनुराग ठाकुर के बयान पर भड़की प्रियंका गांधी, पूछा- मोदी जी क्या अब देश की 80% जनता को संसद में गाली दी जाएगी
लोकसभा में चल रहे मानसून सत्र के छठें दिन भाजपा नेता अनुराग ठाकुर के भाषण के बाद भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष के निशाने पर आ चुके हैं। अनुराग ठाकरे के "जिसको अपनी जाति का पता नहीं..." ,वाले भाषण पर सांसद राहुल गांधी के बाद अब कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी भड़क उठी हैं।
प्रियंका गांधी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से सवाल कर दिया है वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने तो लंबी चौड़ी पोस्ट लिख कर भाजपा को करारा जवाब दिया है।

प्रियंका गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट लिखी है जिसमें उन्होंने लिखा "सामाजिक-आर्थिक-जातीय जनगणना इस देश के 80% लोगों की मांग है। आज भरी संसद में कहा गया कि जिनकी जाति का पता नहीं, वे गणना की बात करते हैं। क्या अब देश की संसद में देश की 80 प्रतिशत जनता को गालियां दी जाएंगी? नरेंद्र मोदी को ये स्पष्ट करना चाहिए कि क्या यह उनके कहने पर हुआ है?"
जानें अनुराग ठाकुर ने क्या कहा है?
बता दें भाजपा नेता ने लोकसभा में मंगलवार को विपक्षी दलों द्वारा की जा रही जनगणना करवाने की मांग का मुद्दा उठाया जिसमें उन्होंने किसी का नाम लिए बिना कहा जिन्हें अपनी जाति का पता नहीं वो देश में जनगणना की मांग कर रहे हैं।
अनुराग गांधी के बयान पर भड़के राहुल गांधी
अनुराग ठाकुर का ये कहते ही लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी भड़क उठे और उन्होंने आरोप लगाया कि अनुराग ठाकुर ने मुझे संसद में गालियां दी और अपमान किया लेकिन मैं उनके इस बात के लिए माफी मांगने के लिए नहीं कहूंगा क्योंकि जो भी दलितों, आदिवासियों समेत कमजोर वर्ग के लिए आवाज उठाता है उसे ऐसे ही गालियां दी जाती हैं। हालांकि अनुराग ठाकुर ने सत्र के दौरान ही साफ किया कि उन्होंने ये कहते हुए किसी का नाम नहीं लिया।
बता दें राहुल गांधी के संसद में आपत्ति जताने के बाद मानसून सत्र आज भी हंगामे की भेंट चढ़ गया और सत्र के सामाप्त होने के बाद से कांग्रेस ही नहीं विपक्षी इंडिया गठबंधन में शामिल राजनीति पार्टियों के नेता इस मुद्दें पर अनुराग ठाकुर और भाजपा की आलोचना कर रहे हैं।
वहीं कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने एक लंबी सी पोस्ट लिखी। पढ़ें खड़गे की ये पोस्ट
हाँ, मैं भारतीय हूँ और दलित हूँ, लेकिन मुझे नहीं पता कि हम कितने हैं।
हाँ, मैं आदिवासी हूँ, लेकिन मुझे नहीं पता कि हम कितने हैं।
हाँ, मैं ओबीसी हूँ, लेकिन मुझे नहीं पता कि हम कितने हैं।
आज हम सभी को यह आँकने की ज़रूरत है कि इस देश की तरक़्क़ी में हमारी कितनी भागीदारी है।…
— Mallikarjun Kharge (@kharge) July 30, 2024












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