Priya Saroj: वक्फ बिल के नाम पर सपा MP प्रिया सरोज को निकालीं गालियां, दिल्ली से लौटते शेयर की फोटो
Priya Saroj Waqf Bill Controversy: संसद बजट सत्र में वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 पास हो गया। अब वक्फ विधेयक के नाम पर देश की सबसे युवा सांसद प्रिया सरोज को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर गालियां निकाली जा रही हैं। प्रिया सरोज उत्तर प्रदेश के मछलीशहर से समाजवादी पार्टी की सांसद हैं।
दरअसल, प्रिया सरोज ने अपने इंस्टाग्राम अकाउंट पर 5 अप्रेल 2025 को अपनी 3 तस्वीरें शेयर करते लिखा कि संसद सत्र समाप्त होने पर वे दिल्ली से लौट रही थीं तो रास्ते में संयुक्त किसान मोर्चा बैनर तले दर्जनों किसानों ने उनका स्वागत किया।

स्वागत के दौरान किसानों ने सपा सांसद प्रिया सरोज से कहा कि 'उन्होंने उनका दर्द समझा और उनकी आवाज संसद में बुलंद की'। इस पर सांसद प्रिया सरोज ने किसानों को आश्वासन दिया कि वे किसानों, गरीबों, और मजलूमों के हक की लड़ाई सड़क से संसद तक लड़ेंगीं।

सपा सांसद प्रिया सरोज द्वारा दो घंटे पहले इंस्टाग्राम पर शेयर की गई फोटो पर खूब कमेंट किए जा रहे हैं। कई यूजर उनको वक्फ बिल के नाम पर उनके लिए अभद्र कमेंट कर रहे हैं। im_devilxyzz नाम की आईडी से सांसद प्रिया सरोज को गालियां तक निकाली गई हैं।

वक्फ के नाम पर सपा सांसद प्रिया सरोज को क्या-क्या बोल रहे यूजर
Vikas Singh Chauhan नाम की आईडी से कमेंट में लिखा कि 'वक्फ बोर्ड के बिल का विरोध करके हिंदू वोट की उम्मीद ना करना। अब मुल्लों से वोट मांगना।'
im_devilxyzz की आईडी से दो कमेंट किए गए हैं। पहले कमेंट में कई सवाल उठाते हुए लिखा कि 'वफ्फ बोर्ड का समर्थन क्यों किया? पैसे के लिए किस हद तक जाओगे तुम लोग? हिंदू होकर हिंदुओं की ही स्पोर्ट नहीं कर रही हो? वहीं, दूसरे कमेंट में प्रिया सरोज के लिए अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया गया है।
Ankit Yaduvanshi नाम की आईडी से im_devilxyzz के कमेंट के रिप्लाई में लिखा कि 'वो सुप्रीम कोर्ट में लॉयर है। वैसे भाई तुम कहां तक पढ़े हो। लिस्ट आयी है कि किसने सपोर्ट किया और किसने नहीं किया।'
Who is Priya Saroj : भारत की सबसे युवा महिला सांसद प्रिया सरोज कौन हैं?
Youngest Woman MP of India: प्रिया सरोज उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले की मछलीशहर लोकसभा सीट से समाजवादी पार्टी की सांसद हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में 25 वर्ष की आयु में जीत हासिल की, जिससे वह भारत की सबसे युवा महिला सांसद बनीं।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा: प्रिया सरोज का जन्म 23 नवंबर 1998 को वाराणसी के कठरवा गांव में हुआ। उनकी प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली के केंद्रीय विद्यालय तालकटोरा और एयरफोर्स स्कूल धौला कुआं में हुई। इसके बाद उन्होंने मैत्रेयी कॉलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय से BA और LLB की डिग्री प्राप्त की।
राजनीतिक पृष्ठभूमि: प्रिया सरोज के पिता तूफानी सरोज तीन बार सांसद रह चुके हैं और वर्तमान में केराकत से विधायक हैं। राजनीति में रुचि के चलते, प्रिया ने अपने पिता के साथ काम किया। साल 2024 में मछलीशहर से लोकसभा चुनाव लड़ा, जिसमें उन्होंने भाजपा के बीपी सरोज को 35,850 वोटों से हराया।
प्रिया सरोज की शादी: जनवरी 2025 में खबरें आईं कि प्रिया सरोज की सगाई भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह से हुई है। हालांकि, इस संबंध में कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

वक्फ (संशोधन) विधेयक कब पास हुआ?
बता दें कि वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025, लोकसभा में 2 अप्रैल 2025 को पारित हुआ और राज्यसभा में 3 अप्रैल 2025 को पारित किया गया। लोकसभा में यह विधेयक 288 मतों के समर्थन और 232 मतों के विरोध से पारित हुआ, जबकि राज्यसभा में 128 सदस्यों ने समर्थन किया और 95 ने विरोध किया। वक्फ (संशोधन) विधेयक के विरोध में कई विपक्षी दलों ने संसद में मतदान किया। इनमें प्रमुख रूप से शामिल हैं।
कांग्रेस (Congress): कांग्रेस सांसद के.सी. वेणुगोपाल ने इस विधेयक को "कठोर" और संविधान पर हमला करार दिया। उन्होंने गैर-मुस्लिम सदस्यों को वक्फ बोर्ड में शामिल करने के प्रावधान का विरोध किया।
समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party): सांसद मोहिब्बुल्लाह ने इस विधेयक को मुस्लिम समुदाय के प्रति अन्यायपूर्ण बताया और इसे धर्म में हस्तक्षेप के रूप में देखा।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM): असदुद्दीन ओवैसी ने इस विधेयक को "भेदभावपूर्ण, मनमाना और मुस्लिम विरोधी" कहा।
डीएमके (DMK): सांसद कनिमोझी ने इसे संविधान के अनुच्छेद 30 का उल्लंघन बताया, जो अल्पसंख्यकों को अपने संस्थानों का प्रबंधन करने का अधिकार देता है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP): सुप्रिया सुले ने विधेयक पर विस्तृत परामर्श की कमी की ओर इशारा किया और इसे स्थायी समिति को भेजने की मांग की।
तृणमूल कांग्रेस (TMC): सांसदों ने गैर-मुस्लिम सदस्यों को वक्फ बोर्ड में शामिल करने और जिला कलेक्टर को वक्फ संपत्तियों के निर्णय में प्राथमिक प्राधिकारी बनाने के प्रावधानों का विरोध किया।
वाईएसआर कांग्रेस (YSR Congress): इस पार्टी ने भी विधेयक में कई खामियों की ओर इशारा किया, विशेष रूप से वक्फ संपत्तियों के लिए 'डीड रिकॉर्ड्स' की आवश्यकता के संबंध में।
Waqf Bill 2025 Controversy: वक्फ बिल 2025 विवाद क्या है?
- वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2025 में कई नए प्रावधान जोड़े गए, जिनमें:
- वक्फ बोर्ड में गैर-मुस्लिम सदस्यों को शामिल करने की अनुमति।
- जिला कलेक्टर को वक्फ संपत्तियों पर प्राथमिक निर्णयकर्ता बनाने का प्रावधान।
- वक्फ संपत्तियों के लिए "डीड रिकॉर्ड" की अनिवार्यता।
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