कर्नाटक: कोरोना मरीजों का इलाज करने से मना नहीं कर सकते प्राइवेट अस्पताल, सरकार ने जारी किया आदेश
नई दिल्ली: चीन के वुहान से शुरू हुए कोरोना वायरस ने पूरे भारत को अपनी चपेट में ले लिया है। सरकार की तमाम कोशिशों के बाद भी अब तक 5 लाख से ज्यादा मामले सामने आ चुके हैं। सभी राज्य सरकारें भी कोरोना के संक्रमण को रोकने में लगी हैं। इस बीच कर्नाटक सरकार ने भी एक अहम फैसला लिया है। जिसके तहत अब प्राइवेट अस्पताल किसी कोरोना मरीज का इलाज करने से इनकार नहीं कर सकते हैं।

कर्नाटक सरकार के आदेश के मुताबिक राज्य में कोरोना वायरस के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। जिसको लेकर सरकार ने फैसला लिया है कि अब कोई भी प्राइवेट अस्पताल किसी कोरोना मरीज का इलाज करने से मना नहीं कर सकता है। इसके साथ ही उन लोगों का भी इलाज करना अनिवार्य है, जिनमें कोरोना वायरस के लक्षण दिख रहे हैं। अगर राज्य में कोई अस्पताल मरीजों का इलाज करने से मना करता है, तो डिजास्टर मैनेंटमेंट एक्ट 2005 के तहत उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। वहीं सरकारी अस्पतालों में भी सरकार सुविधाएं बढ़ाने पर जोर दे रही है।
Private medical establishments in the state cannot deny or refuse treatment to #COVID19 patients or those with related symptoms: Karnataka Government pic.twitter.com/XNsOqOPqQG
— ANI (@ANI) June 28, 2020
कर्नाटक में 11 हजार से ज्यादा मामले
लॉकडाउन में छूट मिलने के बाद से कोरोना वायरस के मामले और तेजी से बढ़ रहे हैं। देश में अब तक कोरोना वायरस के 5.30 लाख पॉजिटिव केस पाए गए हैं। जिसमें से 16,124 की मौत हुई है, जबकि 3.11 लाख मरीज ठीक हो चुके हैं। इस वजह से अब एक्टिव केस की संख्या 2,03,680 है। वहीं कर्नाटक में भी कोरोना से बुरा हाल है, जहां अब तक 11,923 मामले सामने आए हैं। जिसमें 191 लोगों की मौत हुई है, जबकि 7289 लोग रिकवर हुए हैं। फिलहाल राजधानी बेंगलुरु कोरोना वायरस से सबसे ज्यादा प्रभावित है।












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