• search

हर कोई खाना चाहता है इस जेल की रोटी, लाजवाब है बिरयानी और अंडा करी का स्‍वाद

Subscribe to Oneindia Hindi
For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts
      Kerala के इस Jail की रोटी खाने को तरसते हैं लोग, Biryani भी बनती है लाजबाव | वनइंडिया हिंदी

      तिरुअनंतपुरम। झगड़ों के बीच अकसर आपने सुना होगा कि लोग सामने वाले को 'जेल की रोटी' खिलाने की धमकी देते हैं। दरअसल इसके पीछे की वजह यह है कि लोगों के अंदर ऐसी धारणाएं बनी हुई हैं कि जेल का खाना इतने घटिया स्‍तर का होता है कि कोई भी उसे खाना पसंद न करे। लेकिन एक जेल ऐसा है जिसकी रोटी हर कोई खाना चाहता है। वहां के खाने के लोग दीवाने हैं। इस जेल के खाने की इतनी मांग है कि प्रशासन को इसे पूरा करने के लिए खासा मशक्‍कत करनी पड़ती है। यहां बनने वाली रोटी, बिरयानी और अंडा करी की बाजार में जबरर्दस्‍त मांग है। इन खानों के चलते ही जेल प्रशासन हर साल करोड़ों रुपए कमा लेता है।

      जानिए कहां है ये जेल और कौन बनाता है खाना

      जानिए कहां है ये जेल और कौन बनाता है खाना

      यह जेल केरल का कन्नूर सेंट्रल जेल है। इसके लाजवाब खाने की खास बात ये है कि इसे जेल के कैदी ही बनाते हैं। फिलहाल जेल में 1000 के करीब कैदी हैं जो रोटी, स्वादिष्ट बिरयानी, बेकरी के आइटम, लड्डू और चिप्स बनाते हैं। इसके बदले में कैदियों को बकायदा 200 रुपये रोज दिए जाते हैं।

      जेल प्रशासन ने चलाई थी एक स्‍कीम, फिर लिया ये फैसला

      जेल प्रशासन ने चलाई थी एक स्‍कीम, फिर लिया ये फैसला

      दरअसल जेल प्रशासन ने एक स्कीम चलाई जिसके तहत जो भी कैदी खाना बनाना जानते थे उनसे खाना बनवाना शुरु किया गया, उसके बाद उन्‍हें ट्रेनिंग देकर उनके बने खाने को जेल प्रशासन उपयोग करता था। धीरे-धीरे जब कैदी उच्‍च क्‍वालिटी का खाना बनाने लगे तो इनके बनाए खानों को बाजार में बेचने का फैसला लिया गया।

      साल 2012 से जारी है यह सिलसिला

      साल 2012 से जारी है यह सिलसिला

      साल 2012 से जेल के कैदियों की बनाई रोटियों को बेंचने का जो सिलसिला जारी हुआ था वो आज तक जारी है। खास बात ये है कि इन कैदियों की बनाई रोटियों की इस कदर डिमांड है कि जेल प्रशासन को रोटी मशीन इंस्टाल करनी पड़ी।
      इतना ही नहीं जेल के खाने को बकायदा ब्रैंड नेम के साथ मार्केट में उतारा जाता है। इनका नाम फ्रीडम फूड है।

      Read Also- पहले बदमाशों ने काटा युवक का गुप्‍तांग, अब मंगेतर बोली- मुझे नहीं करनी शादी

      जीवनसंगी की तलाश है? भारत मैट्रिमोनी पर रजिस्टर करें - निःशुल्क रजिस्ट्रेशन!

      देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
      English summary
      Prison inmates across Kerala are abolishing the stereotype of prison food, with a program called Food for Freedom, under which cafeterias and takeaway stands have been set up in districts across Kerala, where inmates cook all sorts of dishes from the prison kitchens and serve it to the public.

      Oneindia की ब्रेकिंग न्यूज़ पाने के लिए
      पाएं न्यूज़ अपडेट्स पूरे दिन.

      X
      We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Oneindia sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Oneindia website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more