जहरीली हवा से दिल्ली बेहाल, प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव और कैबिनेट सचिव करेंगे उच्चस्तरीय बैठक
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव पी के मिश्रा और कैबिनेट सचिव राजीव गाबा ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़े प्रदूषण को देखते हुए रविवार शाम को उच्चस्तरीय बैठक बुलाई है। इस बैठक में प्रदूषण को कम करने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदमों पर चर्चा की जाएगी। बैठक में दिल्ली के अधिकारियों के अलावा पंजाब और हरियाणा सरकार के प्रतिनिधि भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़ेंगे। इससे पहले, मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने केंद्र से प्रदूषण के रोकथाम के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया था और कहा था कि वे इस पर कोई राजनीति नहीं चाहते। यदि केंद्र इस पर कोई पहल करता है तो वे इसका समर्थन करेंगे।

वायु प्रदूषण से निपटने के लिए प्रधान मंत्री के पीएम के प्रिंसिपल सेक्रटरी ने पंजाब, हरियाणा और दिल्ली के साथ विडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए उच्च स्तरीय बैठक की। एयर पलूशन को कम करने के लिए दिल्ली में लगभग 300 टीमें मैदान में हैं, इस काम के लिए आवश्यक मशीनरी राज्यों में वितरित की गई हैं।
राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में इस सीजन में पहली बार एयर क्वालिटी इंडेक्स (एक्यूआई) 600 के पार पहुंचा है। दिल्ली में रविवार को छिटपुट बारिश के बावजूद हवा की गुणवत्ता और खराब हुई है। ज्यादातर इलाकों में विजिबिलिटी (दृश्यता) काफी कम रही। दिल्ली एयरपोर्ट ने बयान जारी कर कहा कि खराब मौसम और लो विजिबिलिटी के कारण विमान सेवाओं पर असर पड़ा है। सुबह 9 बजे से लेकर अब तक टर्मिनल-3 से 32 फ्लाइट्स को जयपुर, अमृतसर और लखनऊ डायवर्ट किया जा चुका है।
आपको बता दें कि राजधानी में छाए घने स्मॉग के कारण दृश्यता कम होने के कारण रविवार की सुबह दिल्ली हवाई अड्डे से 32 उड़ानें भरी गईं। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के आंकड़ों के अनुसार सुबह 9 बजे वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 473 पर पहुंच गया। अधिकांश स्टेशनों में वायु की गुणवत्ता गंभीर 'श्रेणी में थी। आईटीओ में, AQI का स्तर 488 था, जबकि आनंद विहार और आरके पुरम में वे 483 और 457 थे।












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