प्रणब की बेटी शर्मिष्ठा ने त्रिपुरा में किया कथक नृत्य

इसका आयोजन टैगोर की 154वीं जयंती व 1,700 सीटों वाले रबींद्र सताबार्षिकी भवन के उद्घाटन के मौके पर किया गया। शर्मिष्ठा ने कहा, "यह प्रयोगात्मक और शोध आधारित प्रस्तुति थी।" यह प्रस्तुति टैगोर की 'बोशरे शेष' और शैली की 'ओड टू द वेस्ट विंड' पर आधारित है, जिसका मंचन 15 दिनों के सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान किया गया।
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक सरकार ने शुक्रवार को रबींद्र सताबार्षिकी भवन और सांस्कृतिक महोत्सव का उद्घाटन किया। राष्ट्रपति की पुत्री ने आईएएनएस को ईमेल पर बताया, " 'रेनस्ट्राम एंड आटम लीव्स' विविधता भरी चीजों, दो अलग भाषाओं में पूरब और पश्चिम के दो महान कवियों की रचना, रबींद्र संगीत और पश्चिम शास्त्रीय संगीत जैसी दो अलग विधाओं के संगीत को साथ लाने का प्रयास है।" इस महोत्सव में दिल्ली, पश्चिम बंगाल, असम और त्रिपुरा और बांग्लादेश के 1000 से अधिक कलाकार, गायक और नर्तक हिस्सा ले रहे हैं।












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