Premonsoon Weather Update: देश के इस राज्य में पारा पहुंचा 40 डिग्री, कब होगी बारिश? IMD ने बताया
Premonsoon Weather Update: कर्नाटक में बढ़ती गर्मी के बीच, बेंगलुरु समेत राज्य के कई हिस्सों में जल्द ही प्री-मॉनसून बारिश शुरू हो सकती है, आपको बता दें कि मार्च में मई जैसी गर्मी की मार झेल रहे कर्नाटक के लिए यह पूर्वानुमान अस्थायी राहत है। गौरतलब है कि बेल्लारी में तापमान 40.3°C और कलबुर्गी में 39.4°C पहुंच गया है तो वहीं उत्तरी कर्नाटक के कई जिलों में सामान्य से 1 से 2.5°C अधिक तापमान बीते एक हफ्ते में दर्ज किया जा रहा है।
'नम्मा कर्नाटक वेदर' नेटवर्क के मुताबिक करावली (तटीय बेल्ट) और मलनाड क्षेत्रों में वायुमंडलीय convergence की शुरुआत हो रही है। यह स्थिति बारिश के लिए अनुकूल हैं, इन क्षेत्रों में अगले दो दिनों के अंदर 5 मिमी से 25 मिमी तक बारिश होने की आशंका है।

तो वहीं पश्चिमी घाट और तटीय कर्नाटक के ऊपर बदलती वायुमंडलीय स्थितियों के कारण आने वाले दिनों में कुछ जगहों पर बरसात होगी और तापमान में कमी आएगी।
Premonsoon Weather Update: क्या है प्री-मॉनसून गतिविधि?
मानसून से पहले होने वाली बारिश आमतौर पर मार्च, अप्रैल और मई के महीनों में होती है। इस दौरान दिन के समय तेज गर्मी पड़ने से वातावरण में अस्थिर स्थितियां पैदा हो जाती हैं। जमीन की सतह के पास की गर्म हवा तेज़ी से ऊपर उठती है, जिससे ठंडी हवा उसकी जगह लेने के लिए तेज़ी से नीचे आती है; इसी प्रक्रिया से ऊंचे-ऊंचे गरज वाले बादल बनते हैं। कर्नाटक में आज पश्चिमी घाट और अरब सागर से आने वाली तटीय नमी से प्री-मॉनसून वाली गतिविधियां बन रही हैं इसलिए आज मौसम विभाग ने यहां पर बारिश का अलर्ट जारी किया है।
Bengaluru Weather Forecast: बेंगलुरु में तुरंत भारी बारिश की संभावना कम
मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि अगले सप्ताह कर्नाटक में, विशेष रूप से तटीय और मलनाड बेल्ट में, गरज-चमक वाली गतिविधियों में वृद्धि होगी। हालांकि बेंगलुरु में तुरंत भारी बारिश की संभावना कम है, शहर में छिटपुट प्री-मॉनसून बौछारें या शाम के समय बादल छाए रह सकते हैं। ऐसी बारिश दिन के तापमान को कुछ समय के लिए कम कर सकती है।
IMD Update: इस बार पड़ेगी भीषण गर्मी, टूटेंगे कई रिकॉर्ड!
यूनाइटेड नेशंस (UN) की संस्था वर्ल्ड मेट्रोलॉजिकल ऑर्गेनाइजेशन (WMO) की रिपोर्ट के मुताबिक इस बार एलनीनो की वजह से भयंकर गर्मी पड़ने के आसार हैं। आपको बता दें कि El Nino वह स्थिति है जब मध्य और पूर्वी प्रशांत महासागर का सतही पानी सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है।
El Nino के कारण पड़ेगी भयंकर गर्मी!
इससे दुनिया भर के मौसम पैटर्न बदल जाते हैं, इसका सीधा असर मानसून पड़ता है, औसत से कम बारिश (कमजोर मानसून) की संभावना बढ़ जाती है, अगर ये रिपोर्ट सही साबित होती है तो ये स्थिति चिंताजनक है क्योंकि भारत का मानसून मुख्य रूप से मानसून पर निर्भर करता है, और एल नीनो इसकी ताकत को कमजोर कर सकता है।












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