'राधे-राधे' की गूंज के बीच फिर से पदयात्रा पर निकले प्रेमानंद महाराज, एक झलक पाने को उमड़ी भीड़

Premanand Maharaj Padayatra: संत प्रेमानंद जी महाराज के स्वास्थ्य और स्थिति को लेकर सोशल मीडिया पर तरह-तरह के दावों के बीच एक अच्छी खबर आई है। खबर ये है कि महाराज ने पिछले कई दिनों से बंद अपनी पदयात्रा को फिर से शुरू कर दिया है। हालांकि, इस बार कुछ बदलाव किए गए हैं।

प्रेमानंद महाराज ने सोमवार को पदयात्रा की। इस बीच मार्ग के दोनों ओर का नजारा देखने लायक था। महाराज को देखने को लिए भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। मार्ग में लोगों ने सुंदर-सुंदर रंगोली बनाईं थीं।

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अपने पांच पांडव के साथ महाराज रात के करीब तीन बजे पदयात्रा पर निकले। इस दौरान एक झलक पाने के लिए बैचेन भक्तों में मानों खुशी की लहर दौड़ गई हो। इस दौरान कुछ लोग भावुक हो गए, जबकि कुछ खुद को रोने से रोक नहीं पाए। 'राधे-राधे' के जयकारों से पूरा मार्ग गूंज उठा।

दरअसल, दो अक्टूबर को श्रीराधे हित केलिकुंज आश्रम की ओर से एक संदेश डाला गया। इस सदेंश में जानकारी दी गई कि संत प्रेमानंद महाराज के स्वास्थ्य के चलते पदयात्रा कुछ दिन स्थगित रहेगी। इस संदेश के बाद ये आफवाह आग की तरह फैल गई की महाराज अस्पताल में भर्ती हैं और इसके अलग अलग फर्जी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए।

हालांकि, आश्रम प्रशासन और पुलिस ने साफ किया है कि संत प्रेमानंद जी पूर्ण रूप से स्वस्थ हैं और नियमित रूप से अपने अनुयायियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। पुलिस ने भी लोगों से अपील की है कि वे किसी भी अपुष्ट जानकारी पर भरोसा न करें।

प्रेमानंद महाराज ने भक्तों को दिया जीवन का सबसे बड़ा मंत्र
इस बीच महाराज का संदेश काफी वायरल हो रहा कि: 'मैं अगर कल मर जाऊं तो तुम आजीवन हमारी वाणी के अनुसार चलना, धर्मपूर्वक चलना। कभी धर्म से विरुद्ध मत चलना। कभी किसी वैभव (धन और संपत्ति का मोह) के गुलाम मत बनना, किसी के भी गुलाम मत बनना केवल श्रीजी की गुलामी करना।' महाराज के इस संदेश में मृत्यु को स्वीकार कर, बाहरी संसार की गुलामी त्यागने और केवल धर्म के मार्ग पर चलने का आह्वान है, जो हर भक्त के लिए सबसे बड़ा 'जीवन मंत्र' है।

Premanand Maharaj Health News: प्रेमानंद महाराज की तबीयत कैसी है अब?

सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज का चेहरा सूजा हुआ और लाल दिखाई दे रहा था, जिससे भक्तों में चिंता फैल गई। इसके बाद श्री हित राधा केलि कुंज परिकर श्रीधाम वृंदावन ने एक औपचारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि प्रेमानंद महाराज स्वस्थ हैं और अपनी दिनचर्या जारी रख रहे हैं।

Who is Premananda Maharaj? प्रेमानंद महाराज कौन हैं?

कानपुर के सरसौल ब्लॉक में अनिरुद्ध कुमार पांडे के रूप में जन्मे प्रेमानंद महाराज ने अपने दादा के पदचिन्हों पर चलते हुए 13 साल की उम्र में ही संन्यासी बनकर घर छोड़ दिया था। 'शरणगति मंत्र' प्राप्त करने के बाद राधावल्लभ संप्रदाय में दीक्षित होकर, वे दुनिया भर में सबसे अधिक अनुयायी आध्यात्मिक गुरुओं में से एक बन गए हैं।

विराट कोहली, अनुष्का शर्मा, ग्रेट खली, हेमा मालिनी और मोहन भागवत जैसी प्रमुख हस्तियां उनके वृंदावन आश्रम में उनसे मिलने आ चुकी हैं। भक्तगण उनके अच्छे स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना कर रहे हैं, जबकि संत डॉक्टर्स की देखभाल में हैं और उनकी हालत स्थिर है।

मदीना की पवित्र धरती पर प्रेमानंद महाराज के लिए प्रार्थना

लगभग 1 मिनट 20 सेकंड के एक वीडियो में, सूफियान इलाहाबादी मदीना की पवित्र धरती पर दोनों हाथ ऊपर करके खड़े होकर कहते हैं, 'हे अल्लाह, भारत के महान संत प्रेमानंद महाराज को शीघ्र स्वस्थ करें, ताकि वे अपने भक्तों का मार्गदर्शन करते रहें।' सूफ़ियान के इस कदम को धार्मिक सीमाओं से परे जाकर यह संदेश देने वाला माना जा रहा है कि मानवता ही सबसे बड़ा धर्म है।

वीडियो में, सूफ़ियान बताते हैं कि, 'मैं गंगा-यमुना संगम की धरती प्रयागराज से आया हूं।' वह अपने फ़ोन पर संत प्रेमानंद महाराज की एक तस्वीर दिखाते हुए आगे कहते हैं, 'संत प्रेमानंद महाराज बहुत अच्छे इंसान हैं। हमें पता चला है कि उनकी तबियत ठीक नहीं है। हम अभी खिजरा में हैं। यहीं से हम दुआ करते हैं कि अल्लाह उन्हें सेहतमंद और तंदुरुस्त रखे। हम भारत से हैं और हम भी उनकी कद्र करते हैं। वह एक सच्चे और अच्छे इंसान हैं।'

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