कोविड के कारण हो सकती है प्री-टर्म डिलीवरी, बिना झिझक के गर्भवती लगवाएं टीका: स्वास्थ्य मंत्रालय
नई दिल्ली, 9 जुलाई। केंद्र ने शुक्रवार को कहा कि गर्भवती महिलाओं को बिना किसी झिझक के कोविड -19 के खिलाफ टीके लगवाने चाहिए क्योंकि सभी वैज्ञानिक अध्ययन अब गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के पक्ष में हैं। नीति आयोग के सदस्य (स्वास्थ्य) वीके पॉल ने कहा कि वास्तव में गर्भवती महिलाओं को दो खास कारणों से टीका लगवाना चाहिए।

डॉ पॉल ने समझाया, "गर्भवती महिलाओं में कोविड -19 का प्रभाव दूसरों से अलग नहीं है। लेकिन गर्भवती महिलाओं के लिए, कोविड एक गंभीर बीमारी बन जाती है, क्योंकि उस समय गर्भवती महिलाओं के शरीर की कंडीशन अलग होती है। उन्होंने बताया "गर्भावस्था से संबंधित कुछ अन्य जटिलताएं हो सकती हैं या नहीं भी हो सकती हैं। उन्होंने कहा यह दो जीवन का सवाल है। केवल इसकी वजह से नहीं, बल्कि अगर गर्भवती महिला कोविड से संक्रमित हो जाती है, तो प्री-टर्म डिलीवरी का जोखिम भी होता है। फिर यह मां और समय से पहले बच्चे दोनों को प्रभावित करता है। इसलिए टीका ऐसी जटिलताओं को रोक सकता है।
बता दें मंत्रालय ने हाल ही में भारत में गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण की अनुमति देने के लिए एक दिशानिर्देश जारी किया है। भारत में उपलब्ध सभी तीन टीके - कोवैक्सिन, कोविशील्ड और स्पुतनिक - गर्भवती महिलाओं के लिए सुरक्षित हैं और उन्हें इसे लेना चाहिए।
भारत में टीकाकरण अभियान जनवरी में शुरू हुआ था लेकिन गर्भवती महिलाओं को टीके लेने की अनुमति नहीं थी क्योंकि दैनिक टेस्ट में गर्भवती महिलाओं को शामिल नहीं किया गया था। डॉ पॉल ने कहा, "हमने गर्भवती महिलाओं के लिए टीकाकरण की सिफारिश करने में समय लिया क्योंकि अध्ययन चल रहा था और अब चूंकि सभी अध्ययन गर्भवती महिलाओं के टीकाकरण के पक्ष में हैं, इसलिए हम इसकी जोरदार सिफारिश कर रहे हैं।"सरकार ने कहा कि गर्भवती महिलाओं को टीका लगाने से पहले किसी परीक्षण से गुजरना नहीं पड़ता है, सरकार ने कहा कि यह टीका मासिक धर्म वाली महिलाओं के लिए सुरक्षित है और इसका पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रजनन क्षमता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ता है।












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